भारत-जापान रिश्तों को मिलेगी मजबूती
टोक्यो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Modi) चार दिवसीय विदेश यात्रा के पहले चरण में जापान(Japan) की राजधानी टोक्यो पहुंचे हैं। लगभग सात वर्षों बाद हो रही इस यात्रा में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान रहेगा। मोदी अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा से मुलाकात करेंगे और नई साझेदारियों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे चीन(China) भी जाएंगे।
निवेश और आर्थिक सहयोग पर चर्चा
इस यात्रा के दौरान जापान भारत में निवेश को लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान(Japan) अगले दशक में भारत में अपने निजी निवेश को दोगुना कर 10 ट्रिलियन येन यानी लगभग 68 अरब डॉलर करने की योजना बना रहा है। प्रधानमंत्री इशिबा इस लक्ष्य की पुष्टि मोदी की मौजूदगी में कर सकते हैं।
दोनों देशों की सरकारें सुरक्षा सहयोग पर भी नई रणनीति तय करेंगी। 17 साल बाद दोनों एशियाई राष्ट्र संयुक्त घोषणापत्र में बदलाव की योजना बना रहे हैं। साथ ही आर्थिक सुरक्षा ढांचा शुरू किया जाएगा ताकि नई चुनौतियों का मिलकर समाधान किया जा सके।
अमेरिका-भारत तनाव के बीच अहम दौरा
मोदी की यह यात्रा उस समय हो रही है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापार व शुल्क नीतियों को लेकर तनाव बढ़ा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने बताया कि चर्चा केवल द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्वाड जैसे बहुपक्षीय मंच पर भी होगी। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में नई संभावनाएं खुलेंगी।
मोदी की जापान यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ाना है। इसके साथ ही सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
जापान कितना निवेश भारत में करने की योजना बना रहा है?
जापान अगले दस वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन यानी लगभग 68 अरब डॉलर का निवेश कर सकता है। यह राशि वर्तमान निवेश से लगभग दोगुनी होगी।
क्या अमेरिका-भारत तनाव का असर इस यात्रा पर पड़ेगा?
हालांकि दोनों देशों में व्यापारिक मतभेद हैं, लेकिन मोदी की जापान यात्रा का मकसद टोक्यो के साथ रिश्तों को मजबूत करना है। इसलिए इसका असर सकारात्मक दिशा में दिखने की उम्मीद है।
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