पवित्र कपड़े की तस्करी और एपस्टीन का कनेक्शन
रियाद: हाल ही में सार्वजनिक किए गए अदालती दस्तावेजों से यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि साल 2017 में मक्का स्थित काबा को ढकने वाले पवित्र कपड़े के तीन टुकड़े जेफ्री एपस्टीन(Jeffrey Epstein) के फ्लोरिडा स्थित घर भेजे गए थे। मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई की एक महिला कारोबारी अजीजा अल-अहमदी और सऊदी(Saudi) नागरिक अब्दुल्लाह अल-मारी ने मिलकर यह खेप भिजवाई थी। इन टुकड़ों को कस्टम विभाग की नज़रों से बचाने और प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कागजों में ‘आर्टवर्क’ के रूप में दर्शाया गया था।
धार्मिक भावनाओं और जासूसी के दावों का मेल
दस्तावेजों में अल-अहमदी द्वारा एपस्टीन को लिखे गए ईमेल(E-Mail) का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने इस कपड़े के गहरे धार्मिक महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने बताया था कि इस कपड़े को करोड़ों मुसलमानों ने अपनी दुआओं और आंसुओं के साथ छुआ है। इसी बीच, एक एफबीआई मेमो में यह भी दावा किया गया है कि एपस्टीन(Jeffrey Epstein) केवल एक अपराधी नहीं था, बल्कि वह अमेरिकी और इजराइली खुफिया एजेंसियों के लिए एक जासूस के तौर पर भी काम करता था और इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक का करीबी था।
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किस्वा की पवित्रता और एपस्टीन के काले कारनामे
यह शुद्ध रेशम और सोने-चांदी के धागों से बनी एक बेहद पवित्र चादर होती है, जिसे हर साल बदला जाता है। जहाँ एक तरफ दुनिया भर के मुसलमान इसे अल्लाह की इबादत का प्रतीक मानते हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे एपस्टीन(Jeffrey Epstein) जैसे यौन अपराधी को भेजा जाना कई सवाल खड़े करता है। जेफ्री एपस्टीन, जो नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग और शोषण के गंभीर आरोपों से घिरा था, उसने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी। अब इन नए दस्तावेजों ने उसके रसूख और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की एक नई परत खोल दी है।
‘किस्वा’ क्या है और इस्लाम में इसका क्या महत्व है?
किस्वा वह पवित्र काला रेशमी कपड़ा है जो मक्का में काबा को ढकता है। इस पर सोने और चांदी के धागों से कुरान की आयतें लिखी होती हैं। इसे अल्लाह(Jeffrey Epstein) की शान का प्रतीक माना जाता है और हर साल हज के दौरान इसे बदला जाता है। करोड़ों मुसलमान हज और उमरा के दौरान इसे छूने की इच्छा रखते हैं।
जेफ्री एपस्टीन को ये पवित्र टुकड़े किसने और कैसे भेजे थे?
दस्तावेजों के अनुसार, ये टुकड़े यूएई की महिला कारोबारी अजीजा अल-अहमदी और सऊदी अरब के अब्दुल्लाह अल-मारी ने 2017 में ब्रिटिश एयरवेज के जरिए भेजे थे। इन्हें शिपमेंट के दौरान ‘आर्टवर्क’ (कलाकृति) के रूप में वर्गीकृत किया गया था ताकि डिलीवरी आसानी से हो सके।
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