Kaja kallas : यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है। यूरोपीय सेना बनाने के प्रस्ताव पर काजा कल्लास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अलग ‘यूरोपियन आर्मी’ बनाना व्यावहारिक नहीं है और यह भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है।
हाल ही में यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच ग्रीनलैंड मुद्दे पर मतभेद सामने आए हैं। इसके बाद यूरोप की सामरिक सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ नेता अलग यूरोपीय सेना की मांग कर रहे हैं, लेकिन कल्लास ने इसे अव्यावहारिक बताया।
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उन्होंने कहा कि यूरोप के अधिकांश देश पहले से ही (Kaja kallas) नाटो का हिस्सा हैं। ऐसे में दूसरी सेना बनाने से कमांड और नियंत्रण में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। युद्ध या संकट के समय आदेश किसके होंगे, यह स्पष्ट नहीं रहेगा, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।
कल्लास ने सुझाव दिया कि नई सेना बनाने के बजाय मौजूदा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है।
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