తెలుగు | Epaper

USA- ताज़ा सर्वे में खुलासा, ट्रंप भारत के डेयरी कारोबार को नहीं कर सकते प्रभावित

Anuj Kumar
Anuj Kumar
USA- ताज़ा सर्वे में खुलासा, ट्रंप भारत के डेयरी कारोबार को नहीं कर सकते प्रभावित

नई दिल्‍ली । यह बात सभी को पता है कि अमेरिका (America) और भारत की ट्रेड डील (Trade Deal) सिर्फ इसलिए अटकी हुई है, क्योंकि भारत ने डेयरी और एग्रीकल्चर सेक्टर में अमेरिका को प्रवेश नहीं दिया है। अब एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका कभी भारत के डेयरी उद्योग को खत्म ही नहीं कर सकता।

क्यों भारत का डेयरी सेक्टर मजबूत है

इसका कारण यह है कि देश में आज भी 38 फीसदी पशुपालक दूध बेचने के लिए जानवर नहीं पालते, बल्कि खेती और खुद के उपयोग के लिए पशुपालन करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश के एक तिहाई से ज्यादा पशुपालक दूध नहीं बेचते और घरेलू पोषण, गोबर और खेती से जुड़े कामों में पशुओं का उपयोग करते हैं।

सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, ये नतीजे इस धारणा को चुनौती देते हैं कि भारत का मवेशी क्षेत्र केवल दूध की बिक्री पर निर्भर है। इस अध्ययन के लिए 15 राज्यों में 7,350 मवेशी पालने वाले परिवारों का सर्वे किया गया, जो देश की 91 फीसदी दुधारू आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

38 फीसदी पशुपालकों की प्राथमिकता दूध नहीं

अध्ययन में सामने आया कि करीब 38 फीसदी पशुपालक, यानी लगभग तीन करोड़ लोग, दूध की बिक्री को मवेशी रखने की मुख्य वजह नहीं मानते। झारखंड (Jharkhand) में यह हिस्सा 71 फीसदी है, जबकि पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में यह आंकड़ा 50 फीसदी से अधिक है। इसके बावजूद पशुपालकों का एक बड़ा वर्ग पशुपालन जारी रखने की इच्छा रखता है।

चारा और आहार बनी बड़ी चुनौती

अध्ययन में यह भी सामने आया कि करीब तीन-चौथाई पशुपालकों को इलाके में दूध की अधिकता के बावजूद सस्ता चारा और संतुलित आहार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

दूध के अलावा दूसरे कामों के लिए मवेशी

करीब 7 फीसदी पशुपालक, यानी देशभर में लगभग 56 लाख लोग, मवेशियों को दूध के अलावा दूसरे कार्यों के लिए रखते हैं। इनमें गोबर, बैलगाड़ी खींचना और जानवरों की बिक्री से होने वाली कमाई शामिल है। बंगाल और महाराष्ट्र में यह आंकड़ा करीब 15 फीसदी है।

सामाजिक और धार्मिक कारण भी अहम

हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम में 15 फीसदी से ज्यादा पशुपालकों ने मवेशी रखने की मुख्य वजह सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक कारण बताए हैं।

घरेलू जरूरतों को दी जाती है प्राथमिकता

सर्वे में यह भी सामने आया कि 34 फीसदी पशुपालक सबसे पहले घर में इस्तेमाल होने वाले दूध को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 20 फीसदी पशुपालकों ने दूध से अलग कारणों को अपनी मुख्य चिंता बताया।

अन्य पढ़े: Rajasthan- सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईवे किनारे शराब दुकानें बंद नहीं होंगी

गोबर बना सबसे बड़ा प्रेरक

लगभग 75 फीसदी पशुपालकों के लिए गोबर एक प्रमुख प्रेरक है। यही कारण है कि अध्ययन में गोबर से मूल्यवर्धन पर जोर दिया गया है, जिसमें घरेलू बायोगैस, वर्मीकम्पोस्टिंग और मूल्यवर्धित खाद जैसे विकल्प शामिल हैं।

Read More :

ईरान-इजराइल युद्ध, भारतीयों की वापसी पर केंद्र

ईरान-इजराइल युद्ध, भारतीयों की वापसी पर केंद्र

ईरान के साथ रूस – पुतिन का बड़ा बयान

ईरान के साथ रूस – पुतिन का बड़ा बयान

रणनीति या मजबूरी?

रणनीति या मजबूरी?

Jammu- ईरान में संकट में कश्मीरी छात्र, अभिभावकों ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

Jammu- ईरान में संकट में कश्मीरी छात्र, अभिभावकों ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

Israel VS Iran War- सऊदी अरब में मिसाइल हमला, भारतीय समेत दो की मौत; 12 घायल

Israel VS Iran War- सऊदी अरब में मिसाइल हमला, भारतीय समेत दो की मौत; 12 घायल

UAE- दुबई के मरीना टॉवर के पास 90 मंजिला बिल्डिंग में लगी आग, चारों ओर धुआं

UAE- दुबई के मरीना टॉवर के पास 90 मंजिला बिल्डिंग में लगी आग, चारों ओर धुआं

USA- ट्रंप बोले- बच्चियों के स्कूल पर बमबारी में अमेरिका का हाथ नहीं

USA- ट्रंप बोले- बच्चियों के स्कूल पर बमबारी में अमेरिका का हाथ नहीं

USA- एआई सिस्टम के उपयोग पर सरकार का नियंत्रण, वैध इस्तेमाल के लिए अनुमति जरूरी

USA- एआई सिस्टम के उपयोग पर सरकार का नियंत्रण, वैध इस्तेमाल के लिए अनुमति जरूरी

Iran War- ईरान की तेल व्यवस्था पर बड़ा वार, रिफाइनरियों पर हमले से दहला तेहरान

Iran War- ईरान की तेल व्यवस्था पर बड़ा वार, रिफाइनरियों पर हमले से दहला तेहरान

4 बार PM रहे ओली को हराया, रैपर बना नेता

4 बार PM रहे ओली को हराया, रैपर बना नेता

भारत को झटका, रूस ने तेल कीमत बढ़ाई, क्या होगा असर?

भारत को झटका, रूस ने तेल कीमत बढ़ाई, क्या होगा असर?

दुबई में सस्ता सोना, युद्ध के कारण बड़ी छूट?

दुबई में सस्ता सोना, युद्ध के कारण बड़ी छूट?

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870