पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात, रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो(Marco Rubio) शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा पिछले कुछ समय से भारत-अमेरिका संबंधों में आए आंशिक तनाव को दूर करने और दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को फिर से मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली(Delhi) आने से पहले रूबियो कोलकाता गए थे, जहाँ उन्होंने अपनी पत्नी जैनेट रूबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय ‘मदर हाउस’ का दौरा किया और मदर टेरेसा की समाधि पर प्रार्थना की। दिल्ली में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होने वाली है।
क्वाड समिट की मेजबानी और चीन विरोधी रणनीतियों पर मंथन
भारत इस बार ‘क्वाड’ (Quad) समूह की बैठक की मेजबानी कर रहा है, जिसमें भारत और अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला बनाए रखना है। मार्को रूबियो को अमेरिका में चीन के खिलाफ बेहद सख्त रुख रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए क्वाड देशों के बीच सप्लाई चेन, क्षेत्रीय सुरक्षा और नई तकनीकों पर सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
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ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और बढ़ते रक्षा संबंधों पर विशेष जोर
इस महत्वपूर्ण दौरे में ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और रक्षा साझेदारी मुख्य एजेंडा रहने वाले हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी तेल और एलएनजी (LNG) गैस का आयात बढ़ाए, जबकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से भी सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी बातचीत होगी। रक्षा क्षेत्र में भारत पहले से ही अमेरिका के P-8 पोसाइडन विमान और MQ-9बी ड्रोन जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, और अब दोनों देश सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन (Joint Production) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के इस भारत दौरे के दौरान किन प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है?
मार्को रूबियो की प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ होने वाली बैठक में मुख्य रूप से व्यापारिक समझौते, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक रणनीति सहित चीन से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
‘क्वाड’ समूह में कौन-कौन से देश शामिल हैं और इस बार की बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?
क्वाड समूह में चार देश—भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, और इस बार इस बैठक की मेजबानी भारत कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा इंडो-पैसिफिक रीजन (हिंद-प्रशांत क्षेत्र) को मुक्त और खुला बनाए रखना, रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
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