North Korea: नॉर्थ कोरिया का शक्ति प्रदर्शन

By Dhanarekha | Updated: March 12, 2026 • 4:36 PM

युद्धपोत से दागी गई क्रूज मिसाइलें

प्योंगयांग: उत्तर कोरिया(North Korea) ने बीते एक हफ्ते के भीतर अपनी नौसेना की मारक क्षमता को दर्शाते हुए लगातार दो बार क्रूज मिसाइल परीक्षण किए हैं। किम जोंग उन ने हाल ही में देश के नए 5,000 टन के विध्वंसक युद्धपोत ‘चो ह्योन’ (Choe Hyon) से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों की फायरिंग का निरीक्षण किया। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास चल रहे हैं, जिसे उत्तर कोरिया अपनी संप्रभुता के लिए खतरा मानता है

उत्तराधिकार और किम जू ऐ की बढ़ती भूमिका

मिसाइल परीक्षण और हाल ही में हथियारों की फैक्ट्री के दौरे के दौरान किम जोंग उन की 13 वर्षीय बेटी, किम जू ऐ (Kim Ju Ae), का अपने पिता के साथ नजर आना चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी (NIS) और विशेषज्ञों(North Korea) का मानना है कि जिस तरह से वह सैन्य परेडों, मिसाइल परीक्षणों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, वह उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किए जाने का स्पष्ट संकेत है।

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अंतरराष्ट्रीय तनाव और भू-राजनीतिक समीकरण

यह परीक्षण उस समय हुआ है जब मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। उत्तर कोरिया ने न केवल अपने मिसाइल परीक्षणों के जरिए सैन्य ताकत दिखाई है, बल्कि ईरान की नई लीडरशिप का खुलकर समर्थन करके वैश्विक ध्रुवीकरण(North Korea) में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि उत्तर कोरिया का यह आक्रामक रुख क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि प्योंगयांग अपनी परमाणु और मिसाइल तकनीक को और अधिक घातक बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है।

किम जोंग उन की बेटी ‘किम जू ऐ’ का सैन्य कार्यक्रमों में दिखना क्या दर्शाता है?

विशेषज्ञों और दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी का मानना है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को भविष्य के लिए अपना संभावित उत्तराधिकारी बना रहे हैं। सैन्य परेडों, मिसाइल परीक्षणों और हथियारों की फैक्ट्री के दौरों में उनकी सक्रिय उपस्थिति उनके भविष्य के नेतृत्व के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

उत्तर कोरिया द्वारा क्रूज मिसाइल परीक्षणों का उद्देश्य क्या है?

इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य देश की नौसेना की ‘स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ (रणनीतिक मारक क्षमता) का प्रदर्शन करना और युद्ध जैसी स्थितियों में कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता की जांच करना है। यह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जवाब में अपनी प्रतिरोधक क्षमता दिखाने का भी एक जरिया है।

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