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Norway: नॉर्वे राजघराने पर संकट

Dhanarekha
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Norway: नॉर्वे राजघराने पर संकट

एपस्टीन फाइल्स में क्राउन प्रिंसेस का नाम और बेटे पर रेप का केस

ओस्लो: अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी ‘एपस्टीन फाइल्स’ में नॉर्वे(Norway) की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट का नाम 1000 से ज्यादा बार आया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2014 के बीच मेटे-मारिट और कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच लगातार ईमेल के जरिए बातचीत होती थी। इन ईमेल में एपस्टीन द्वारा की गई फ्लर्टिंग और ‘पत्नी की तलाश’ जैसे संदेश शामिल हैं। हालांकि मेटे-मारिट ने इन संबंधों के लिए माफी मांगते(Apologizing) हुए कहा है कि उन्होंने एपस्टीन की पृष्ठभूमि की ठीक से जांच नहीं की थी और 2014 में ही उनसे संपर्क तोड़ लिया था

विवादास्पद ईमेल और मेल-मुलाकातें

दस्तावेजों से पता चलता है कि प्रिंसेस और एपस्टीन(Norway) के बीच संबंध काफी करीबी थे। मेटे-मारिट ने ईमेल में एपस्टीन को ‘सॉफ्ट हार्टेड’ और ‘स्वीटहार्ट’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था। फाइलों के अनुसार, वे न्यूयॉर्क(New York) और ओस्लो सहित तीन बार एपस्टीन से मिली थीं और 2013 में फ्लोरिडा स्थित उनके घर पर चार दिन रुकी भी थीं। यह सब तब हुआ जब एपस्टीन 2008 में ही नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों में दोषी ठहराया जा चुका था। राजघराने ने स्पष्ट किया है कि प्रिंसेस को एपस्टीन के असली चेहरे को पहचानने में देरी हुई, जिसका उन्हें खेद है।

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राजकुमार मारियस पर बलात्कार का मुकदमा

राजघराने की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब मेटे-मारिट के बेटे मारियस(Norway) बोर्ग होइबी पर बलात्कार और ड्रग्स सहित कुल 38 अपराधों का मुकदमा शुरू हुआ। 29 वर्षीय मारियस पर चार महिलाओं ने बलात्कार के आरोप लगाए हैं, जिसके लिए उन्हें 16 साल तक की सजा हो सकती है। हालांकि मारियस के पास कोई रॉयल टाइटल नहीं है और वे उत्तराधिकार की पंक्ति में नहीं हैं, लेकिन इस विवाद ने शाही परिवार की प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुँचाई है। क्राउन प्रिंस हाकॉन और मेटे-मारिट ने इस मुकदमे से दूरी बनाए रखी है।

क्या मेटे-मारिट के बेटे मारियस के पास कोई शाही उपाधि है?

नहीं, मारियस बोर्ग होइबी के पास कोई शाही उपाधि नहीं है। वे क्राउन प्रिंस हाकॉन(Norway) के सौतेले बेटे हैं (मेटे-मारिट की पहली संतान)। चूंकि वे शाही रक्त से नहीं हैं, इसलिए वे नॉर्वे के सिंहासन के उत्तराधिकारी नहीं हैं और राजघराने ने उन्हें एक आम नागरिक घोषित किया है ताकि मुकदमे का असर शाही परिवार की आधिकारिक स्थिति पर न पड़े।

जेफ्री एपस्टीन के साथ संपर्क को लेकर मेटे-मारिट ने क्या सफाई दी है?

मेटे-मारिट ने स्वीकार किया कि उन्होंने एपस्टीन के अतीत को गूगल किया था और उन्हें पता था कि वह विवादास्पद है, लेकिन उन्होंने फिर भी संपर्क जारी रखा। अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा है कि उन्होंने एपस्टीन की पृष्ठभूमि को गंभीरता से नहीं लिया और वह व्यक्ति उनका फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था, जिसके कारण 2014 में उन्होंने सारे रिश्ते खत्म कर दिए थे।

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