श्रीलंका को भेजे एक्सपायर्ड फूड पैकेट
इस्लामाबाद: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान(Pakistan) ने साइक्लोन दितवाह से प्रभावित श्रीलंका(SriLanka) को एक्सपायर्ड राहत सामग्री भेजी है। वायरल हुई फूड पैकेट की तस्वीरों से पता चला है कि इन पर अक्टूबर 2024 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। पाकिस्तान ने 30 नवंबर को खुद हाई कमीशन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इससे संबंधित पोस्ट शेयर किया था, जिसमें राहत सामग्री की तस्वीरें भी थीं। यह हरकत सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स पाकिस्तान की कड़ी आलोचना(Harsh Criticism) कर रहे हैं। श्रीलंका में आए इस भयानक तूफान के कारण 390 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
सहायता के नाम पर पुरानी हरकतों को दोहराया
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान(Pakistan) ने अंतरराष्ट्रीय सहायता के नाम पर इस तरह की लापरवाही या अनुचित कार्य किया हो। साल 2022 में तुर्किये (तुर्की) में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भी पाकिस्तान ने वही राहत सामग्री दोबारा पैक करके वापस भेज दी थी, जो 2021 में तुर्किये ने पाकिस्तान में आई बाढ़ के बाद भेजी थी। इस घटना पर तुर्किये ने पाकिस्तान को फटकार भी लगाई थी। इस तरह की पुनरावृत्ति पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सहायता और मानवीय सहयोग की गंभीरता पर गंभीर सवाल उठाती है।
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भारत ने दिया मानवीय सहयोग, खोला एयरस्पेस
इस विवाद के बीच, भारत ने मानवीय आधार पर श्रीलंका को मदद पहुँचाने के लिए पाकिस्तान(Pakistan) की तत्परता से सहायता की। भारत ने साइक्लोन दितवाह से प्रभावित श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रही पाकिस्तानी ओवरफ्लाइट को अपने एयरस्पेस से गुजरने की सिर्फ 4 घंटों के भीतर मंजूरी दे दी। भारत सरकार ने यह निर्णय मानवीय सहायता के उद्देश्य को देखते हुए तेजी से लिया। वहीं, भारत ने खुद भी ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री (जिसमें NDRF की टीम और मेडिकल टीम भी शामिल है) भेजकर सबसे खतरनाक चक्रवात (पिछले 20 सालों में) से निपटने में महत्वपूर्ण मदद की है।
साइक्लोन दितवाह की वजह से श्रीलंका में कितनी जानें गई हैं और यह तूफान क्यों इतना खतरनाक माना जा रहा है?
साइक्लोन दितवाह की वजह से श्रीलंका में 390 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 370 लोग लापता हैं। इस तूफान को पिछले 20 सालों में आया सबसे खतरनाक तूफान माना जा रहा है। यह 2025 के उत्तर हिंद महासागर साइक्लोन सीजन का चौथा चक्रवात है, जिसका नाम यमन ने रखा था।
पाकिस्तान को राहत सामग्री ले जाने के लिए भारत ने कितनी जल्दी अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी और इस कदम का क्या महत्व है?
पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को ओवरफ्लाइट की अनुमति मांगी थी, और भारत ने सिर्फ 4 घंटों के भीतर इसकी रिक्वेस्ट प्रोसेस करके मंजूरी दे दी। यह कदम यह दिखाता है कि भारत ने मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी और भू-राजनीतिक तनावों से ऊपर उठकर पड़ोसी देश श्रीलंका की मदद के लिए तेजी से सहयोग किया।
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