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Breaking News: Pakistan: पाकिस्तान ने $5 मिलियन खर्च कर ट्रम्प के साथ सुधारे रिश्ते

Dhanarekha
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Breaking News: Pakistan: पाकिस्तान ने $5 मिलियन खर्च कर ट्रम्प के साथ सुधारे रिश्ते

लॉबिंग से बदला अमेरिकी रुख

वाशिंगटन: अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, पाकिस्तान(Pakistan) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपने बिगड़े रिश्तों को सुधारने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। पहले ट्रम्प ने पाकिस्तान को ‘झूठ और धोखे’ वाला देश कहा था, लेकिन अब वे पाक सेना प्रमुख को अपना ‘फेवरेट फील्ड मार्शल’ बुलाते हैं।
खर्च: पाकिस्तान ने अप्रैल और मई के महीनों में वॉशिंगटन(Washington) की कई लॉबिंग फर्म्स के साथ $5 मिलियन (करीब ₹42 करोड़) के कॉन्ट्रैक्ट किए

रणनीति और करीबी: पाकिस्तान(Pakistan) ने ट्रम्प के पूर्व व्यापारिक साझेदार और बॉडीगार्ड जैसे करीबी सहयोगियों से जुड़ी फर्मों जैसे ‘सीडेन लॉ LLP’ से डील की। इन फर्मों ने व्हाइट हाउस में हाई-लेवल बैठकों की व्यवस्था करने का वादा किया।
बदले में लाभ: इसके तुरंत बाद ही पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने वॉशिंगटन का दौरा किया और ट्रम्प से प्राइवेट मुलाकात की। पाकिस्तान ने भारत-पाक संघर्ष रोकने का श्रेय ट्रम्प को दिया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार(Noble Peace Prize) के लिए भी नॉमिनेट किया।

लॉबिंग का परिणाम: टैरिफ में कमी और सहयोग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन महंगे लॉबिंग कॉन्ट्रैक्ट्स का सीधा असर अमेरिकी नीतियों पर देखने को मिला। लॉबिंग के बाद अमेरिका का रुख पाकिस्तान के लिए नरम पड़ गया, जबकि भारत के प्रति कठोरता बरती गई।
टैरिफ में फायदा: अप्रैल में ट्रम्प ने पाकिस्तान पर 29% टैरिफ लगाया था, जिसे चार महीने बाद घटाकर 19% कर दिया गया। इसी दौरान भारत पर टैरिफ को 50% तक बढ़ा दिया गया।

आर्थिक और राजनीतिक लाभ: लॉबिंग के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ 500 मिलियन डॉलर की मिनरल एक्सट्रैक्शन डील की और अमेरिकी कृषि प्रोडक्ट्स के लिए अपना बाजार खोला। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने भी पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ अहम साझेदार बताते हुए उसकी सकारात्मक भूमिका की सराहना की।

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लॉबिस्ट क्या होते हैं और भारत की प्रतिक्रिया

लॉबिस्ट एक ऐसा व्यक्ति या समूह होता है जिसे पैसे देकर सरकारी नीतियों, कानूनों और फैसलों को प्रभावित करने के लिए किराए पर लिया जाता है। वे सरकारी अधिकारियों और नेताओं से व्यक्तिगत संबंध, डेटा और संचार का उपयोग करके अपने क्लाइंट (इस मामले में पाकिस्तान) के हितों की वकालत करते हैं। यह सरकार और प्राइवेट संस्थाओं के बीच एक पुल का काम करता है।

उदाहरण: जैसे एक दवा कंपनी अपनी नई दवा को जल्दी मंजूरी दिलाने के लिए लॉबिस्ट को हायर करती है।
भारत की प्रतिक्रिया: भारत ने भी अमेरिका में लॉबिंग बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान(Pakistan) की तुलना में तीन गुना कम खर्च किया। भारत ने ‘SHW पार्टनर्स LLC’ और ‘मर्करी पब्लिक अफेयर्स’ जैसी फर्मों को हायर किया, लेकिन ट्रम्प प्रशासन की नीतियां पाकिस्तान के पक्ष में झुकी रहीं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया।

ट्रम्प प्रशासन में पाकिस्तान के साथ रिश्तों को सुधारने के लिए पाकिस्तान ने कितनी राशि खर्च की?

अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पाकिस्तान ने अप्रैल और मई के महीनों में वॉशिंगटन की लॉबिंग फर्म्स के साथ $5 मिलियन (लगभग ₹42 करोड़) के कॉन्ट्रैक्ट किए, जिसका उद्देश्य ट्रम्प प्रशासन के साथ रिश्तों को सुधारना था।

लॉबिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को क्या फायदा दिया?

लॉबिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान पर लगाए गए टैरिफ को 29% से घटाकर 19% कर दिया। इसके अलावा, पाकिस्तान को अमेरिका के साथ 500 मिलियन डॉलर की मिनरल एक्सट्रैक्शन डील और आर्थिक सहयोग बढ़ाने का मौका मिला।

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