हर पशु पर रोज देने होंगे 30 रुपए, किसानों में भारी नाराजगी
इस्लामाबाद: पाकिस्तान(Pakistan) के पंजाब राज्य की सरकार ने एक अनोखा कदम उठाते हुए गाय और भैंस पालने पर रोजाना 30 पाकिस्तानी रुपए की फीस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार का दावा है कि यह ‘सुथरा पंजाब’ बायोगैस प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके तहत पशुओं के गोबर(Cow Dung) को इकट्ठा कर उससे ग्रीन एनर्जी (बायोगैस) बनाई जाएगी। प्रशासन के अनुसार, इस राशि का उपयोग कचरा प्रबंधन और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए किया जाएगा।
50 लाख पशुओं और 168 कॉलोनियों पर नजर
इस योजना के पहले चरण में लाहौर की प्रमुख डेयरी कॉलोनियों, जैसे हरबंसपुरा और गुज्जरपुरा को शामिल किया गया है। अनुमान है कि राज्य की 168 कैटल कॉलोनियों(Colonies) में मौजूद करीब 50 लाख पशुओं पर यह शुल्क लागू होगा। प्रति पशु सालाना लगभग 11,000 पाकिस्तानी रुपए का बोझ पड़ने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि गोबर की मात्रा मापना कठिन है, इसलिए प्रति पशु तय दर (फ्लैट रेट) का मॉडल अपनाया गया है।
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विपक्ष का हमला और आर्थिक बदहाली का तर्क
विपक्षी दलों ने इस फैसले को ‘गोबर टैक्स’ करार देते हुए सरकार की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि सरकार के पास राजस्व(Pakistan) जुटाने के असली रास्ते खत्म हो चुके हैं, इसलिए अब गरीब किसानों और पशुपालकों को निशाना बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे पहले से ही महंगे चारे और बिजली की कीमतों से त्रस्त हैं, ऐसे में यह नया टैक्स उनकी कमर तोड़ देगा। हालांकि, सरकार के मंत्रियों का दावा है कि डेयरी किसान स्वेच्छा से यह फीस देने को तैयार हैं।
पाकिस्तान सरकार ने इस टैक्स को लागू करने के पीछे क्या मुख्य उद्देश्य बताया है?
सरकार ने इसे ‘ग्रीन एनर्जी’ पहल बताया है। उनका कहना है कि इस पैसे से पशुओं का गोबर इकट्ठा किया जाएगा और बायोगैस प्लांट चलाकर ऊर्जा पैदा की जाएगी, जिससे पर्यावरण को लाभ होगा।
इस नए शुल्क का छोटे पशुपालकों पर सालाना कितना आर्थिक बोझ पड़ेगा?
रोजाना 30 रुपए के हिसाब से एक गाय या भैंस पर साल भर में करीब 11,000 पाकिस्तानी रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा।
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