काबुल । अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ता तनाव अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। अफगान अधिकारियों के अनुसार हाल ही में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने कंधार (Kandhar) के पास हवाई हमले किए, जिनमें एक निजी एयरलाइन के फ्यूल डिपो (Fuel Dipo) और आसपास के रिहाइशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अफगान प्रशासन का कहना है कि यह फ्यूल डिपो नागरिक उड़ानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विमानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
फ्यूल डिपो और नागरिक इलाकों को बताया निशाना
रिपोर्ट के मुताबिक हमले में (Kam Air) के ईंधन भंडारण केंद्र को नुकसान पहुंचा है। यह डिपो नागरिक विमानों के साथ-साथ United Nations के विमानों को भी ईंधन आपूर्ति करता है। अफगान अधिकारियों का दावा है कि हवाई हमलों के दौरान आसपास के रिहाइशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक इस घटना में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों के हताहत होने की आशंका है। हालांकि कुछ बमबारी ऐसे इलाकों में भी हुई बताई जा रही है जहां आबादी कम थी।
तालिबान सरकार ने जताया कड़ा विरोध
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। सरकार की ओर से जारी बयान में इसे आक्रामक और अमानवीय कदम बताया गया है। अफगान प्रवक्ताओं ने कहा कि रमजान के अंतिम दिनों और ईद जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस घटना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और इसका जवाब दिया जाएगा।
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सीमा पर बढ़ा सैन्य तनाव
पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा क्षेत्रों में तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे पहले भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए थे और दावा किया था कि उसका निशाना उग्रवादी ठिकाने थे। हालांकि अफगान पक्ष का कहना है कि उन्होंने उन हमलों का जवाब देते हुए सीमा क्षेत्रों में जवाबी कार्रवाई की थी। अफगान अधिकारियों के अनुसार उनकी जवाबी कार्रवाई में कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कुछ सीमा चौकियों पर कब्जा करने का भी दावा किया गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए दोनों देशों की सेनाएं सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ती जा रही है।
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