तेहरान। ईरान में विरोध की आग इतनी भड़की है कि स्थिति से वापसी का रास्ता नजर नहीं आता। पूरे देश में खामनेई के खिलाफ लगातार नारेबाजी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने सेना के कई मुख्यालयों पर कब्जा जमा लिया है। वहीं पूरे देश में इंटरनेट (Internet) और दूरसंचार सेवाएं ठप कर दी गई हैं, और कई एयरबेस (Airbase) बंद कर दिए गए हैं
सेना का विरोधियों के साथ समर्थन
कुछ जगहों पर सेना के जवानों ने प्रदर्शनकारियों का साथ देना शुरू कर दिया है। यानी अब सेना खुद खामनेई को चारों तरफ से घेर रही है, जिससे उनके शासन की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
खामनेई की संभावित भागने की स्थिति
मौजूदा हालात के अनुसार, खामनेई किसी भी वक्त देश छोड़कर भाग सकते हैं, और रूस उन्हें शरण देने के लिए तैयार है। इस समय ईरान में इस्लामिक शासन खतरे में नजर आ रहा है।
इंटरनेट और संचार पर रोक, देशभर में विरोध प्रदर्शन
ईरान के युवराज के आह्वान पर देशभर में प्रदर्शन हुए। इंटरनेट कंपनी ‘क्लाउडफ्लेयर’ और ‘नेटब्लॉक्स’ ने सेवाएं बंद होने की पुष्टि की। आर्थिक संकट और विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं, और कम से कम 37 जगहों पर विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं।
खामेनेई का इतिहास क्या है?
शिया मुसलमानों के पवित्र शहर कौम में पढ़ाई करते हुए खामनेई, अयातुल्ला खोमैनी के संपर्क में आए थे। खोमैनी जीवनभर उनके सरपरस्त रहे। ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से हटाने के बाद अयातुल्ला खौमैनी ने ईरान में इस्लामी शासन की स्थापना की थी।
खामनेई के पूर्वज कौन थे?
सैय्यद अली ख़ामेनेई के पिता सैय्यद जावेद ख़ामेनेई थे, और उनके दादा सैय्यद हुसैन थे, जिन्हें नजफ़ , इराक ( वादी-उस-सलाम कब्रिस्तान में) में दफनाया गया था।
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