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Putin: पुतिन पर ‘केमिकल वेपन’ के इस्तेमाल का आरोप

Dhanarekha
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Putin: पुतिन पर ‘केमिकल वेपन’ के इस्तेमाल का आरोप

नवलनी की मौत का गहराता रहस्य

मास्को: ब्रिटेन और फ्रांस समेत यूरोप के पांच देशों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन(Putin) पर अपने विरोधी एलेक्सी नवलनी को ‘एपिबैटिडीन’ जहर देकर मारने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यह जहर दक्षिण अमेरिका(America) में पाए जाने वाले जहरीले डार्ट मेंढकों की त्वचा में प्राकृतिक रूप से मिलता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मॉर्फीन से 200 गुना ज्यादा शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन है, जो शरीर के नर्वस सिस्टम पर सीधा हमला करता है। यह जहर पहले शरीर को लकवाग्रस्त (Paralyze) करता है और फिर दम घुटने के कारण अत्यंत दर्दनाक मौत का कारण बनता है

यूरोपीय देशों का दावा: लैब टेस्ट में मिले पुख्ता सबूत

यूरोपीय देशों का कहना है कि नवलनी के शरीर के नमूनों की जांच में इस दुर्लभ जहर के अंश पाए गए हैं। चूंकि यह जहर रूस में प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता, इसलिए यह स्पष्ट है कि इसे लैब में तैयार कर एक रासायनिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया। ब्रिटेन की विदेश मंत्री(Putin) यवेट कूपर ने इसे अंतरराष्ट्रीय ‘केमिकल वेपन्स कन्वेंशन’ का उल्लंघन बताया है। उनका तर्क है कि रूस के पास नवलनी को खत्म करने का ठोस मकसद और साधन दोनों मौजूद थे। हालांकि, क्रेमलिन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे प्राकृतिक मौत बताया है।

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पुतिन का विरोध और नवलनी का संघर्ष

एलेक्सी नवलनी रूस में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बुलंद आवाज थे, जिन्हें पुतिन के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक खतरा माना जाता था। 16 फरवरी 2024 को आर्कटिक की एक जेल में उनकी मौत हो गई, जहाँ वे 19 साल की सजा काट रहे थे। यह पहली(Putin) बार नहीं है जब उन पर हमला हुआ हो; 2020 में भी उन्हें ‘नोविचोक’ नामक नर्व एजेंट दिया गया था। नवलनी की पत्नी यूलिया ने पुतिन को सीधे तौर पर ‘हत्यारा’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग की है।

एपिबैटिडीन जहर शरीर पर किस तरह असर करता है?

एपिबैटिडीन एक घातक न्यूरोटॉक्सिन है। यह शरीर में प्रवेश करते ही मांसपेशियों(Putin) को लकवाग्रस्त कर देता है। इसके प्रभाव से श्वसन तंत्र काम करना बंद कर देता है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में भारी दिक्कत होती है और अंततः उसकी बहुत दर्दनाक मृत्यु हो जाती है।

एलेक्सी नवलनी पर पहले कब और किस जहर से हमला किया गया था?

नवलनी पर इससे पहले साल 2020 में हमला किया गया था। उस समय उन्हें ‘नोविचोक’ नामक खतरनाक नर्व एजेंट दिया गया था, जिसके बाद उनका इलाज जर्मनी में हुआ था।

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