चीनी राष्ट्रपति की चेतावनी- ‘दुनिया फिर जंगलराज की तरफ बढ़ रही, ईरान जंग रोकना जरूरी’
बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया को एक बड़े खतरे से आगाह किया है। बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन(Putin) के साथ हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में जिनपिंग ने कहा कि दुनिया फिर से ‘जंगलराज’ की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी(Alert) दी कि यदि समय रहते इस लड़ाई को नहीं रोका गया, तो अंतरराष्ट्रीय नियम पूरी तरह कमजोर पड़ जाएंगे, जिसका वैश्विक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर बेहद बुरा असर पड़ेगा। जिनपिंग ने साफ तौर पर कहा कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई और लंबे समय तक खिंचने वाला युद्ध दुनिया को एक बेहद खतरनाक दौर में ले जा सकता है।
दबदबे की राजनीति के खिलाफ एकजुटता और 40 नए समझौते
इस महामुलाकात के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने वैश्विक राजनीति(Global Politics) में किसी एक देश के दबदबे को खत्म करने की वकालत की। पुतिन और जिनपिंग ने प्रतिबद्धता जताई कि रूस और चीन मिलकर एक अधिक न्यायपूर्ण, संतुलित और ‘मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर’ (बहुध्रुवीय व्यवस्था) बनाने की दिशा में काम करेंगे। क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन इस दौरे पर एक विशाल सरकारी और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं, जहां दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़े करीब 40 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में गैस की बिक्री प्रभावित होने से रूस के लिए चीन के साथ यह ऊर्जा सहयोग अब बेहद रणनीतिक हो चुका है।
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रिकॉर्ड तोड़ व्यापार और ‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ पर नजर
पिछले कुछ सालों में अमेरिकी प्रभाव के खिलाफ चीन और रूस के आर्थिक व रक्षा संबंध अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुके हैं। पिछले साल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 228.1 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें रूस को 21.49 अरब डॉलर का भारी ट्रेड सरप्लस मिला है। इस बैठक में दोनों नेताओं की नजर ‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर भी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए रूस के पश्चिमी हिस्से (यामाल प्रायद्वीप) से मंगोलिया के रास्ते हर साल 50 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस उत्तरी चीन भेजी जा सकेगी, जो करीब 15 से 20 करोड़ घरों की सालाना जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगी।
बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक में शी जिनपिंग ने वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय नियमों को लेकर क्या चिंता जताई?
शी जिनपिंग ने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण दुनिया फिर से जंगलराज की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई और लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमजोर कर देगी, जिससे वैश्विक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचेगा।
‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ प्रोजेक्ट क्या है और इसके जरिए रूस से चीन को कितनी गैस सप्लाई करने का लक्ष्य है?
‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ रूस और चीन का एक विशाल गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट है। इसके जरिए रूस के यामाल प्रायद्वीप से मंगोलिया के रास्ते हर साल लगभग 50 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस उत्तरी चीन भेजने का लक्ष्य है, जिससे करीब 15 से 20 करोड़ घरों की सालाना जरूरतें पूरी हो सकेंगी।
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