Germany- जर्मनी में राजनाथ सिंह का अहम दौरा, पनडुब्बी प्लांट का किया निरीक्षण

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राजनाथ सिंह
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वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच भारत के रक्षामंत्री (Rajnath Singh) का जर्मनी दौरा कई मायनों में अहम साबित हो रहा है। 21 अप्रैल को जब वे म्यूनिख से बर्लिन पहुंचे, तो जर्मन वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। यह सम्मान इस यात्रा के बढ़ते सामरिक महत्व को दर्शाता है। बर्लिन पहुंचने पर उन्हें औपचारिक सैन्य सम्मान भी दिया गया।

दौरे की शुरुआत और खास सम्मान

जर्मनी पहुंचते ही Rajnath Singh को जिस तरह का सैन्य सम्मान मिला, उसने इस यात्रा की अहमियत को और बढ़ा दिया। लड़ाकू विमानों की एस्कॉर्टिंग (Scorting) और औपचारिक स्वागत इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

पनडुब्बी निर्माण संयंत्र का निरीक्षण

अपने दौरे के दौरान 22 अप्रैल को रक्षा मंत्री ने कील में स्थित थायसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) के अत्याधुनिक पनडुब्बी निर्माण संयंत्र का दौरा किया। यहां उन्हें जर्मनी की उन्नत नौसैनिक तकनीकों और पनडुब्बी निर्माण क्षमताओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरे को भारत की समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जर्मन रक्षा मंत्री के साथ अहम बैठक

दौरे का सबसे अहम पड़ाव जर्मनी के रक्षा मंत्री Boris Pistorius के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक रही। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों और आपसी साझेदारी को मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ पर सहमति

इस मुलाकात की सबसे बड़ी उपलब्धि ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ पर हस्ताक्षर रही। यह समझौता भारत और जर्मनी के बीच रक्षा उद्योग में सहयोग को नई दिशा देगा, जिसमें तकनीकी साझेदारी, संयुक्त उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

संयुक्त राष्ट्र मिशनों में बढ़ेगा सहयोग

इसके अलावा, दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक ‘इम्प्लीमेंटिंग अरेंजमेंट’ पर भी हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और वैश्विक शांति मिशनों में समन्वय को मजबूत करना है।

आतंकवाद पर सख्त संदेश

बैठक के दौरान Rajnath Singh ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद की किसी भी रूप में बिना किसी अपवाद के निंदा होनी चाहिए। दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में एक मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी समय की जरूरत है।

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भारत-जर्मनी संबंधों को नई दिशा

कुल मिलाकर, यह दौरा न केवल भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में भारत की भूमिका को भी और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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Anuj Kumar

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