दमिश्क,। सीरिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिस देश में कभी शिया बहुल ईरान (Iran) का निर्विवाद प्रभाव और सैन्य दबदबा हुआ करता था, वहां अब सऊदी अरब तेजी से अपनी आर्थिक और रणनीतिक पैठ बना रहा है। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद बनी नई व्यवस्था के तहत सीरिया और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। शनिवार को हुए इन करारों में संयुक्त एयरलाइन की स्थापना और करीब 1 अरब डॉलर की टेलीकम्युनिकेशन परियोजना जैसे बड़े निवेश शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में नए शक्ति संतुलन का संकेत दे रहे हैं।
संयुक्त एयरलाइन और हवाई अड्डों पर फोकस
सीरियाई निवेश प्राधिकरण के अनुसार, इन समझौतों का सबसे प्रमुख हिस्सा एक कम लागत वाली संयुक्त सीरिया-सऊदी एयरलाइन (Syria Saudi Airline) की शुरुआत करना है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से सीरिया के वैश्विक संपर्क को फिर से बहाल करना है। इसके साथ ही, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तरी शहर अलेप्पो में एक नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण और पुराने हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण पर भी सहमति बनी है।
डिजिटल ढांचे को मजबूत करेगा ‘सिल्कलिंक’ प्रोजेक्ट
डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘सिल्कलिंक’ (Silklink) नामक परियोजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत 1 अरब डॉलर के निवेश से सीरिया के दूरसंचार ढांचे और कनेक्टिविटी में सुधार किया जाएगा। दशकों तक असद शासन और उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण सीरिया वैश्विक निवेश से कटा हुआ था। हालांकि, पिछले साल अमेरिका द्वारा अधिकांश प्रतिबंधों को हटाए जाने के बाद विदेशी पूंजी के लिए दरवाजे खुल गए हैं।
पश्चिमी झुकाव और सऊदी समर्थन
सीरिया की नई सरकार का झुकाव स्पष्ट रूप से अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर दिखाई दे रहा है, जो इजरायल और खाड़ी देशों के हितों के अनुकूल माना जा रहा है। यही वजह है कि सऊदी अरब इस नई व्यवस्था को न केवल राजनीतिक समर्थन दे रहा है, बल्कि निवेश के जरिए अपनी मौजूदगी को निर्णायक बना रहा है। शनिवार को दोनों देशों के बीच समुद्री जल को पीने योग्य बनाने (डी-सैलिनेशन) और विकास सहयोग से जुड़े कई अन्य समझौतों पर भी मुहर लगी।
निजी निवेश के लिए विशेष फंड का ऐलान
सऊदी अरब के निवेश मंत्री खालिद अल-फालिह ने इस साझेदारी को रणनीतिक करार देते हुए घोषणा की कि सीरिया में बड़ी परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ एक विशेष निवेश फंड शुरू किया जाएगा। सीरिया, जो लंबे गृहयुद्ध के बाद अपने जर्जर ढांचे और चरमराई अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने की चुनौती से जूझ रहा है, के लिए यह निवेश किसी संजीवनी से कम नहीं है।
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वैश्विक कंपनियों की एंट्री, ईरान का घटता प्रभाव
हाल के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल जुलाई में सऊदी अरब ने 6.4 अरब डॉलर के निवेश समझौते किए थे, जबकि उसके बाद के महीनों में सीरिया ने 14 अरब डॉलर से अधिक के नए करार हासिल किए हैं। युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की इस दौड़ में सीरिया केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। इसी सप्ताह सीरिया ने अमेरिकी ऊर्जा कंपनी शेवरॉन और कतर की पावर इंटरनेशनल के साथ समुद्र में तेल और गैस की खोज के लिए शुरुआती समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह वैश्विक भागीदारी दर्शाती है कि सीरिया अब ईरान के प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकलकर एक नए अंतरराष्ट्रीय गुट का हिस्सा बनने की ओर अग्रसर है। सऊदी अरब के साथ ये ताजा समझौते न केवल आर्थिक बहाली के लिए जरूरी हैं, बल्कि वे इस क्षेत्र में ईरान की घटती पकड़ और अरब जगत की बढ़ती एकजुटता का स्पष्ट प्रमाण भी हैं।
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