जेफ्री एपस्टीन विवाद और स्टार्मर की मुश्किल
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर(Shabana) इस वक्त अपने जीवन के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं। विवाद की जड़ कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलें हैं। स्टार्मर के मुख्य सहयोगी मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा(Resign) देना पड़ा है क्योंकि उन पर एपस्टीन के समर्थक पीटर मंडेलसन को राजदूत नियुक्त करने का आरोप है। इस घटना के बाद लेबर पार्टी के भीतर से ही प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठने लगी है। हालांकि, स्टार्मर फिलहाल पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं और जल्द ही देश को संबोधित कर सकते हैं।
शबाना महमूद: कश्मीर मूल से पीएम की रेस तक
प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा नाम शबाना(Shabana) महमूद का है, जो वर्तमान में ब्रिटेन की गृह मंत्री हैं। शबाना का परिवार कश्मीर (PoK) के मीरपुर से ताल्लुक रखता है। ऑक्सफोर्ड से पढ़ीं और पेशे से बैरिस्टर शबाना 2010 में ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में शामिल हुई थीं। यदि वे प्रधानमंत्री चुनी जाती हैं, तो वे ब्रिटेन के इतिहास में इस पद पर बैठने वाली पहली मुस्लिम और पहली कश्मीर मूल की व्यक्ति होंगी। उन्हें पार्टी के भीतर एक सख्त और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है।
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पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया
कीर स्टार्मर को पद से हटाना इतना आसान भी नहीं है। लेबर पार्टी के नियमों(Shabana) के अनुसार, किसी भी लीडरशिप चुनौती के लिए कम से कम 20% सांसदों (लगभग 81 सांसद) का लिखित समर्थन अनिवार्य है। पार्टी में स्थिरता बनाए रखने के लिए 2021 में इस सीमा को 10% से बढ़ाकर 20% किया गया था। इस उथल-पुथल के बीच स्वास्थ्य मंत्री वेस्ट स्ट्रीटिंग और उपप्रधानमंत्री अंगेला रेनर के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन शबाना महमूद को स्टार्मर के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
कीर स्टार्मर के खिलाफ नेतृत्व की चुनौती शुरू करने के लिए कितने सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है?
लेबर पार्टी के नए नियमों के तहत, किसी भी चुनौती को आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 20% संसदीय सदस्यों का समर्थन जरूरी है। वर्तमान स्थिति में, इसके लिए कम से कम 81 लेबर सांसदों का लिखित समर्थन जुटाना होगा।
शबाना महमूद की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
शबाना(Shabana) महमूद कश्मीर मूल की ब्रिटिश बैरिस्टर हैं। वे 2010 में बर्मिंघम से सांसद चुनी गई थीं और ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं। वर्तमान में वे गृह मंत्री के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले न्याय मंत्री भी रह चुकी हैं।
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