कश्मीर को बताया पाकिस्तान की ‘लाइफ लाइन’
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ(Shehbaz Shariff) ने मुजफ्फराबाद (PoK) में विधानसभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर को लेकर विवादित दावा किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा और यह क्षेत्र पाकिस्तान के लिए ‘लाइफ लाइन’ की तरह है। 5 फरवरी को मनाए गए ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के अवसर पर शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्म-निर्णय के अधिकार और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कश्मीर मुद्दे को फिलिस्तीन विवाद से जोड़ते हुए इसे न्याय की लड़ाई करार दिया।
सिंधु जल संधि और पानी पर धमकी: ‘एक बूंद भी नहीं छीन सकता दुश्मन’
कश्मीर के अलावा, शहबाज शरीफ(Shehbaz Shariff) ने सिंधु जल संधि को लेकर भी भारत को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अक्टूबर 2025 के संदर्भ में कहा कि भारत अगर पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी को रोकने की कोशिश करता है, तो इसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि दुश्मन पाकिस्तान के हक का एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता। गौरतलब है कि भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए इस संधि की समीक्षा और जल संसाधनों के उपयोग को लेकर सख्त संकेत दिए हैं।
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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत का कड़ा रुख
शहबाज शरीफ(Shehbaz Shariff) के इन दावों के पीछे मई 2025 का वह सैन्य संघर्ष है, जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया था। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय (मुरीदके) सहित 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। हालांकि पाकिस्तान इस संघर्ष में अपनी जीत का दावा करता है, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह से आतंक के खिलाफ थी। भारत का आधिकारिक स्टैंड हमेशा यही रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
पाकिस्तान में हर साल 5 फरवरी को ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ क्यों मनाया जाता है?
पाकिस्तान इस दिन को कश्मीर के अलगाववादी आंदोलनों को नैतिक और राजनीतिक समर्थन देने के लिए मनाता है, जिसे भारत अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और प्रोपेगेंडा मानता है।
भारत ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ क्यों चलाया था?
यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम(Shehbaz Shariff) में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के जवाब में चलाया गया था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान में सक्रिय 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था।
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