छात्र नेता हादी की हत्या में भारत पर लगे आरोप बेबुनियाद
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना(Sheikh Hasina) ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या को लेकर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने एनडीटीवी (NDTV) को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा कि हादी की हत्या बांग्लादेश में गिरती कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा का परिणाम थी। हसीना के अनुसार, यूनुस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस दुखद(Sad) घटना का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर कर रही है।
भारत पर लगे आरोपों को बताया सोची-समझी साजिश
शेख हसीना ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें हादी की हत्या के तार भारत से जोड़े जा रहे थे। उन्होंने इन आरोपों को “पूरी तरह बेबुनियाद” और “कट्टरपंथी ताकतों” की एक चाल करार दिया। हसीना का मानना है कि कट्टरपंथी तत्व बांग्लादेश(Sheikh Hasina) के सबसे करीबी सहयोगी (भारत) के खिलाफ दुश्मनी भड़काकर आंतरिक प्रशासनिक नाकामियों से ध्यान भटकाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस हत्या को विदेशी साजिश(foreign conspiracy) के रूप में पेश करना जानबूझकर किया गया कृत्य है।
अन्य पढ़े: वेनेजुएला तेल विवाद में अमेरिका का बड़ा कदम | रूसी ऑयल टैंकर जब्त
बिगड़ते कूटनीतिक संबंधों पर चिंता
उस्मान हादी की हत्या के बाद ढाका की ओर से लगाए गए आरोपों ने नई दिल्ली और ढाका के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। भारत सरकार(Sheikh Hasina) ने पहले ही इन आरोपों को “झूठी कहानी” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शेख हसीना ने चेतावनी दी कि अंतरिम सरकार द्वारा कट्टरपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले करने से देश में अशांति बढ़ रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ रहा है।
शेख हसीना के अनुसार छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या की असली वजह क्या थी?
शेख हसीना के अनुसार, हादी की हत्या का मुख्य कारण मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश(Sheikh Hasina) में फैली कानून-व्यवस्था की कमी और चुनावी हिंसा थी, न कि कोई विदेशी साजिश।
उस्मान हादी की हत्या के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर क्या असर पड़ा है?
हादी की हत्या के बाद बांग्लादेशी नेताओं द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों से दोनों देशों के संबंधों में भारी गिरावट आई है। भारत ने इन आरोपों को “झूठी कहानी” करार दिया है और इस मामले की पूरी जांच की मांग की है।
अन्य पढ़े: