तेहरान । ईरान में बीते दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की ब्रीफिंग दी है। अगर ईरान सरकार (Iran Government) प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करती है तो ट्रम्प (Trump) सैन्य कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है
ट्रम्प को ईरान पर हमले के विकल्पों की ब्रीफिंग
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।
प्रदर्शनों में 217 मौतों का दावा, 2600 से ज्यादा गिरफ्तार
दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई हैं। अब तक 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईरानी संसद की दो टूक चेतावनी
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी पर इस्लामिक गणराज्य पर हमला करता है, तो अमेरिकी सेना और इस्राइल वैध निशाना होंगे।
संसद में ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे
कट्टरपंथी नेता कालिबाफ की यह धमकी उस वक्त आई, जब ईरानी संसद में सांसद ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए मंच पर चढ़ गए।
इजराइल हाई अलर्ट पर
ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका को देखते हुए इजराइल हाई अलर्ट पर है। इजराइली सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
12 दिन की जंग की ताजा यादें
गौरतलब है कि इजराइल और ईरान जून में 12 दिन की जंग लड़ चुके हैं, जिसमें अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर हवाई हमले किए थे।
नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री की बातचीत
शनिवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में ईरान में अमेरिकी दखल की संभावना पर चर्चा हुई।
अमेरिका और इजराइल को ईरान की खुली धमकी
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों के मुद्दे पर ईरान पर हमला किया, तो अमेरिकी सेना और इजराइल दोनों ईरान के निशाने पर होंगे।
प्रदर्शनकारियों को फांसी की चेतावनी
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है।
लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भी ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने 1979 से पहले का शेर-और-सूरज वाला झंडा फहराया और ‘फ्री ईरान’ के नारे लगाए।
लंदन पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
लंदन पुलिस के मुताबिक, झंडा हटाने की घटना के बाद दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की सड़कों पर उतरने की अपील
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से समूह में सड़कों पर उतरने और डटे रहने की अपील की है।
सुरक्षा बलों में टूट का दावा
पहलवी ने दावा किया कि कई सुरक्षा कर्मियों ने अपने पद छोड़ दिए हैं और जनता के खिलाफ कार्रवाई के आदेश मानने से इनकार किया है।
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देश लौटने की तैयारी में रजा पहलवी
65 वर्षीय रजा पहलवी ने कहा है कि वह देश लौटकर चल रहे प्रदर्शनों में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रीय क्रांति की जीत का दिन अब दूर नहीं है।
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