वॉशिंगटन । अमेरिका के चर्चित यौन अपराधी और बदनाम फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति और कारोबारी जगत में भूचाल ला दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को इस मामले से जुड़े 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक करने की घोषणा की है। इसे अब तक का सबसे बड़ा दस्तावेजी खुलासा माना जा रहा है, जिसकी आंच अमेरिका के साथ-साथ ब्रिटेन के रसूखदार गलियारों तक पहुंच गई है।
30 लाख से ज्यादा दस्तावेज और हजारों वीडियो सार्वजनिक
अमेरिका के डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जारी किए गए डेटाबेस (Database) में केवल लिखित दस्तावेज ही नहीं, बल्कि करीब 2,000 वीडियो और 1.8 लाख से ज्यादा तस्वीरें भी शामिल हैं। इनमें एफबीआई और न्याय विभाग के आंतरिक ईमेल, गवाहों के बयान, जांच रिपोर्ट और एपस्टीन के निजी डिजिटल डिवाइस (Digital Device) से जब्त डेटा मौजूद है।
न्याय विभाग के मुताबिक जांच में कुल 60 लाख से ज्यादा पन्ने प्रासंगिक पाए गए थे, जिनमें से लगभग 35 लाख पन्ने सार्वजनिक किए गए हैं। पीड़ितों की निजता और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई हिस्सों को ब्लैक आउट किया गया है, जबकि बाकी सामग्री फिलहाल सुरक्षित रखी गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़ी फाइल पर विवाद
इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के नाम को लेकर हो रही है, जिनका उल्लेख सैकड़ों बार सामने आया है। विवाद का केंद्र अगस्त 2025 में एफबीआई द्वारा तैयार की गई एक सूची है, जिसे कुछ घंटों के लिए वेबसाइट से हटाया गया और बाद में दोबारा अपलोड किया गया। इसी घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर अटकलों और बहस को तेज कर दिया।
तीन दशक पुराने अप्रमाणित आरोपों का जिक्र
इस विवादित फाइल में ट्रंप के खिलाफ तीन दशक पुराने गंभीर लेकिन अप्रमाणित आरोपों का उल्लेख है। एक आरोप के अनुसार न्यू जर्सी में करीब 35 साल पहले एक नाबालिग लड़की को यौन कृत्य के लिए मजबूर किए जाने का दावा किया गया था। दस्तावेज खुद स्वीकार करते हैं कि ये आरोप एक अज्ञात महिला की शिकायत पर आधारित हैं और इनका कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
व्हाइट हाउस और न्याय विभाग दोनों ने साफ किया है कि इन आरोपों का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं मिला है।
एफबीआई ईमेल और जांच प्रक्रिया का खुलासा
न्याय विभाग के आंतरिक ईमेल से पता चलता है कि ये शिकायतें एफबीआई के नेशनल थ्रेट ऑपरेशंस सेंटर (एनटीओसी) को मिली थीं। अगस्त 2025 में न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस से भेजे गए एक ईमेल में उन लोगों की सूची का जिक्र था, जिन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाए थे। हालांकि, दस्तावेजों में किसी भी आरोप की पुष्टि या सत्यापन से जुड़ा कोई सबूत मौजूद नहीं है।
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एपस्टीन नेटवर्क और न्याय प्रणाली पर सवाल
इतने बड़े पैमाने पर दस्तावेज सार्वजनिक होने से यह साफ हो गया है कि जेफ्री एपस्टीन का नेटवर्क कितना व्यापक था और उसमें शामिल प्रभावशाली चेहरों की सूची कितनी लंबी है। इस खुलासे ने एक बार फिर अमेरिकी न्याय प्रणाली, सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही और प्रभावशाली व्यक्तियों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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