US Iran secret talks : पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। United States और Iran के बीच युद्ध की आशंका के बीच दोनों देश गुप्त रूप से मध्यस्थों के जरिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि बातचीत जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर हमले अब भी थमे नहीं हैं।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयानों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसी के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का निर्देश दिया। ईरान स्थित अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी ने 6 फरवरी 2026 को जारी एडवाइजरी में साफ कहा कि “तुरंत ईरान छोड़ दें।”
हाल के महीनों में मध्य पूर्व में ईरान समर्थित गुटों द्वारा किए गए हमलों और उनके जवाब में अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों से तनाव बढ़ा है। लाल सागर में जहाजों पर हमले, इराक और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों ने वाशिंगटन की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण अमेरिका में कुछ नेता ईरान की धरती पर सीधे कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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हालांकि दोनों देशों को यह भी एहसास है कि सीधा युद्ध वैश्विक (US Iran secret talks) अर्थव्यवस्था, खासकर तेल आपूर्ति पर गंभीर असर डाल सकता है। इसी वजह से ओमान और कतर जैसे देशों की मध्यस्थता में गुप्त वार्ता चल रही है। इन वार्ताओं में हमलों पर रोक, ईरान परमाणु समझौते की बहाली और कैदियों की अदला-बदली जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
बातचीत के बावजूद जमीनी स्तर पर हिंसा जारी रहना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। अमेरिका जहां ईरान समर्थित गुटों पर दबाव बनाए रखना चाहता है, वहीं ईरान अपने क्षेत्रीय प्रभाव को कम करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। विश्लेषकों का कहना है कि यदि ये वार्ताएं विफल रहीं, तो पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
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