F-35 लड़ाकू विमान को खदेड़ा
खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध का दूसरा चरण शुरू होता दिख रहा है। अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान की नावों पर किए गए हमले के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने एक बड़ा दावा किया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने पर अमेरिका के एक अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिकी RQ-4 ड्रोन और खतरनाक F-35 लड़ाकू विमान को भी अपने एयरस्पेस से खदेड़ने का दावा करते हुए चेतावनी दी है कि युद्धविराम के उल्लंघन पर वे कड़ी जवाबी कार्रवाई करेंगे।
World War: मोजतबा खामेनेई का कड़ा संदेश और अमेरिका को चेतावनी
इस सैन्य टकराव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों और अमेरिका को लेकर बेहद आक्रामक बयान दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने साफ लफ्जों में कहा है कि अब खाड़ी क्षेत्र के देश अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे और यह क्षेत्र अब अमेरिका के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा। उन्होंने बकरीद के मौके पर अपने संदेश में कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका का प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है और अब क्षेत्र के देश पहले जैसे पुराने हालातों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
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एक तरफ गोलाबारी, दूसरी तरफ शांति समझौते की कोशिशें
तनाव के इस माहौल के बीच दोनों देशों के बीच परदे के पीछे युद्ध रोकने की बातचीत भी चल रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच 14 बिंदुओं वाले संभावित समझौते पर चर्चा आगे बढ़ी है, जिसमें 60 दिनों का युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलना शामिल हो सकता है। हालांकि, अंतिम समझौता अभी दूर है क्योंकि मामला परमाणु मुद्दे पर अटका हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को खत्म करे, जिस पर तेहरान पूरी तरह राजी नहीं है। इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल और प्रतिबंधों को लेकर भी मतभेद बरकरार हैं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिकी वायुसेना के खिलाफ क्या बड़े दावे किए हैं?
ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने दक्षिण ईरान में अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देते हुए अमेरिका के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी RQ-4 ड्रोन और F-35 लड़ाकू विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) से पीछे हटने और भागने पर मजबूर कर दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत किन मुख्य मुद्दों पर अटकी हुई है?
दोनों देशों के बीच बातचीत मुख्य रूप से परमाणु मुद्दे पर अटकी है, जहाँ अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम भंडार को नष्ट करे। इसके अलावा ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और हिज्बुल्लाह जैसे समूहों को ईरान के समर्थन को लेकर भी दोनों पक्षों में गहरे मतभेद हैं।
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