Jagannath Rath Yatra: जलयात्रा के साथ जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ

Read Time:  1 min
जगन्नाथ
जगन्नाथ
FONT SIZE
GET APP

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव शुरू हो चुका है। बुधवार को जल यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में संत, महंत और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 27 जून को निकाली जाएगी। गुजरात पुलिस ने मुख्य रथ यात्रा जुलूस के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए कमर कस ली है। ड्रोन और एआई सॉफ्टवेयर के जरिये भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। 

अहमदाबाद में जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी संत दिलीपदास महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की जल यात्रा में विभिन्न संतों और धार्मिक नेताओं के साथ अन्य श्रद्धालु पूरी आस्था और खुशी के साथ भाग ले रहे हैं। यात्रा बड़े उत्साह के साथ शुरू हुई है। जल यात्रा के दौरान साबरमती नदी से 108 घड़ों में पवित्र जल भरकर मंदिर लाया जाएगा और जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा।

पुलिस ने भगदड़ से निपटने के लिए बनाया प्लान

  • बंगलूरू समेत अन्य जगहों पर भगदड़ की घटनाओं ने निपटने के लिए पुलिस ने विशेष प्लान बनाया है। सहायक पुलिस आयुक्त भरत पटेल ने कहा कि बंगलूरु सहित सामूहिक समारोहों से जुड़ी हाल की घटनाओं से संकेत लेते हुए अहमदाबाद अपराध शाखा एक एआई-संचालित सॉफ्टवेयर की मदद लेगी। पुलिस के अनुसार 27 जून को होने वाले भव्य समारोह में 14 से 15 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
  • सहायक पुलिस आयुक्त भरत पटेल ने कहा कि एआई प्रणाली के तहत, पुलिस नियंत्रण कक्ष में विजुअल एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर यात्रा मार्ग पर तैनात सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से लाइव वीडियो फीड प्राप्त करेगा। इससे अनुमान लगाया जा सकेगा कि उस विशेष स्थान पर कितने लोग मौजूद हैं तथा कितने लोग थोड़े समय में वहां पहुंचने वाले हैं।
  • उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर लोगों की गिनती करेगा। उस स्थान की अधिकतम क्षमता की गणना करेगा और भविष्य में उस स्थान पर लोगों के आने के बारे में पुलिस को सचेत करेगा। यह प्रणाली हमें समय पर कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल को भेजने और यातायात को डायवर्ट करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि एआई संचालित प्रणाली किसी विशेष स्थान की अधिकतम क्षमता, वर्तमान भीड़ घनत्व और भविष्य में आने वाली भीड़ की गणना करने में सक्षम है।

Read more: Jagannath Rath Yatra: इस मंदिर में भोजन खाने से भी नहीं खंडित होता एकादशी व्रत

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।