ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ को नई ब्लैक स्क्रीन से किया जाएगा रिप्लेस
माइक्रोसॉफ्ट का ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ बंद होने वाला है। कंपनी ने अब इस बात की भी जानकारी दी है कि इस पर एरर मैसेज को कब हटाया जाएगा। पहले कंपनी ने कहा था कि वो BSOD को रिप्लेस कर रही है, इसका सक्सेसर ब्लैक स्क्रीन है और इसमें फ्राउन टेक्स्ट इमोटिकॉन नहीं है। ये यूजर्स को क्रैश से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देगा जो आईटी एडमिनिस्ट्रेटर्स को क्रैश के बाद कंप्यूटर की समस्या जल्दी ढूंढने में मदद कर सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट में एंटरप्राइज एंड OS सिक्योरिटी के VP, डेविड वेस्टन ने The Verge को इंटरव्यू में बताया कि माइक्रोसॉफ्ट विंडो 11 पर ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ को नई ब्लैक स्क्रीन से रिप्लेस किया जाएगा। रीडिजाइन इस गर्मी के बाद क्विक मशीन रिकवरी फीचर के साथ रोल आउट होगा। एग्जीक्यूटिव द्वारा शेयर किए टाइमलाइन के आधार पर हम उम्मीद कर सकते हैं। यूजर्स अगस्त या सितंबर से पहले नया BSOD डिजाइन देखेंगे।
विन्डो इंसाइडर टेस्टर्स के लिए बीटा चैनल पर थी उपलब्ध
जब अपडेटेड BSOD डिजाइन यूजर्स के लिए रोल आउट होगा, तो वे एक सिंपल डिजाइन देखेंगे, जिसमें बड़ा फ्राउन इमोटिकॉन नहीं होगा। माइक्रोसॉफ्ट के जरिए से हमें एक नए ब्लैक स्क्रीन ऑफ डेथ का अच्छा अंदाजा है। इस साल की शुरुआत में कंपनी ने BSOD को रिप्लेस करने के लिए ग्रीन कलर की एरर स्क्रीन रोल आउट की थी, जो विन्डो इंसाइडर टेस्टर्स के लिए बीटा चैनल पर उपलब्ध थी। वहीं नई ब्लैक स्क्रीन मार्च में कंपनी द्वारा शेयर की गई ग्रीन स्क्रीन जैसी ही दिखती है। ये विन्डो 11 अपडेट स्क्रीन से काफी मिलती-जुलती है जिसमें सेंटर अलाइन्ड टेक्स्ट यूजर्स को बताता है कि कंप्यूटर एरर की वजह से रीस्टार्ट हो रहा है और क्रैश लॉग कलेक्शन प्रोसेस की प्रोग्रेस का परसेंटेज दिखाता है।
नई स्क्रीन में क्या कुछ होगा नया?
अब जब भी यह एरर आएगी तो स्क्रीन नीली नहीं बल्कि काली दिखेगी। इस पर लिखा होगा ‘आपका डिवाइस किसी दिक्कत में फंस गया है और उसे रीस्टार्ट करना जरूरी है।’ अब उदास चेहरा नहीं आएगा, बल्कि एक प्रतिशत वाली पट्टी दिखेगी जो बताएगी कि सिस्टम कितनी देर में रीस्टार्ट हो जाएगा। यह नया बदलाव विंडोज 11 के 24H2 वर्जन में आने वाला है और सभी यूजर्स को बहुत जल्द मिलेगा।
क्या होती थी ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ?
ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ तब आती थी जब विंडोज में कोई बड़ी तकनीकी दिक्कत होती थी और सिस्टम खुद को बंद कर देता था। इसका मकसद होता था डाटा को बचाना और नुकसान से रोकना। यह स्क्रीन 40 सालों से लोगों को परेशान कर रही थी। अब इसे बदला गया है, ताकि यूजर को ज्यादा आसान और साफ जानकारी मिल सके और उन्हें कम परेशानी हो। नया रूप ज्यादा आसान और समझने लायक है।
- AR Rahman : रहमान का बयान गलत? मुकेश ऋषि की तीखी प्रतिक्रिया
- Mary Millben : मोदी से ट्रंप माफी मांगेंगे? मैरी मिल्बेन का बयान
- Gold price today : सोने की कीमतों पर ब्रेक?
- Today Rasifal : राशिफल – 28 जनवरी 2026 Horoscope in Hindi
- Bihar- सरकारी स्कूलों में बदला पढ़ाने का तरीका, डायरी में लिखनी होगी पूरी प्लानिंग