Vastu Tips: क्या आप भी गिनकर बनाते हैं रोटियां?

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जान लीजिए क्या उठाने पड़ते हैं पूरे परिवार को इसके नुकसान

रोटी कभी भी गिनकर नहीं बनानी चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है. हालांकि कुछ लोग यह सोचकर गिनकर रोटियां बनाते हैं कि रोटी बर्बाद न हो, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यह उचित नहीं है।

अक्सर देखने को मिलता है लोग घर में जितने सदस्य होते हैं, उन्हें ध्यान में रखकर गिनकर रोटियां बनाते हैं ताकि खाना बर्बाद न हो. ऐसे में घर के लोग भी गिनकर ही रोटियां खाते हैं. हालांकि ये तरीका समझदारी भरा लग सकता है, लेकिन वास्तु और ज्योतिष के हिसाब से गिनकर रोटी बनाना अशुभ माना गया है. ऐसा करने से पूरे परिवार पर इसका बुरा असर पड़ता है, साथ ही सेहत और ग्रहों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव होता है. भोजन से लेकर सोने तक, वास्तु शास्त्र में जीवन के हर पहलू के लिए कई नियम बताए गए हैं।

क्या रोटियां गिनकर बनानी चाहिए?

  • ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्री रवि पाराशर के अनुसार, हमारी दिनचर्या की छोटी-छोटी बातें भी हमारे जीवन की ऊर्जा पर गहरा असर डालती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार खाना एक पवित्र चीज़ होती है, जो पोषण और समृद्धि का प्रतीक है. रोटियों को गिनकर बनाना ये संकेत देती है कि हमारे पास चीजों की कमी है और यह सोच हमारे जीवन में गरीबी, टेंशन और सीमाओं को बुलावा देती है. इसलिए रोटियों को खुले मन और उदार भावना से बनाना चाहिए, गिनकर नहीं।
  • रोटी और सूर्य देव का संबंध
    माना जाता है कि गेहूं का संबंध सूर्य देव से होता है और जब हम रोटियां गिनकर बनाते हैं, तो ये सूर्य देव का अपमान माना जाता है. इसका असर पूरे परिवार की शांति और सुख-समृद्धि पर पड़ता है।
  • पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह
    रसोई को घर का दिल कहा जाता है. खाना बनाते समय अगर हमारा मन चिंता या गणना में लगा रहे, तो खाना निगेटिव ऊर्जा ले सकता है. रोटियों को गिनकर बनाना तनाव और सख्ती को बढ़ाता है, जबकि खाना बनाना एक सहज और दिल से जुड़ी प्रक्रिया होनी चाहिए, न कि गणित की तरह।

मेहमानों के लिए हमेशा दो-चार रोटियां ज़्यादा बनाएं

  • हमारे यहां मेहमान को भगवान का रूप माना गया है. इसलिए हमेशा रोटियां बनाते समय दो-चार एक्स्ट्रा रोटियां जरूर बनाएं, ताकि कोई भी मेहमान आए तो उसे निराश न करना पड़े।
  • एक प्लेट में तीन रोटियां क्यों नहीं रखनी चाहिए?
    हिन्दू मान्यता के अनुसार जब किसी की मृत्यु होती है तो ‘तेहरवी’ के दिन तीन रोटियां बनाई जाती हैं, जो मृत आत्मा की शांति के लिए होती हैं. इसलिए सामान्य दिनों में एक ही प्लेट में तीन रोटियां नहीं रखनी चाहिए, इसे अपशकुन माना जाता है।
  • पहली रोटी गाय के लिए
    पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालने का नियम है. इसके अतिरिक्त, दो रोटियां मेहमान के लिए बनाना भी शुभ माना जाता है. कुछ घरों में आज भी इस परंपरा का नियमित रूप से पालन किया जाता है।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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