Latest News : उत्तराखंड में शराब पर 12% वैट, कितनी बढ़ी कीमत

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उत्तराखंड में शराब उपभोक्ताओं के लिए दिसंबर से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. धामी सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति में संशोधन करते हुए एक्साइज ड्यूटी पर (12%) 12 प्रतिशत वैट दोबारा लागू करने का फैसला कर लिया है. सरकार के इस कदम का सीधा असर शराब के खुदरा मूल्यों पर पड़ेगा और कीमतों में 40 से 100 रुपये प्रति बोतल तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल (Anuradha Pal) ने जानकारी देते हुए बताया- आदेश जारी होने के बाद नई दरों को सुचारू और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए एक विस्तृत टाइम-लाइन निर्धारित की गई है. विभाग ने सरकार से तैयारी के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, जिसे अनुमोदन मिल गया. इसी के तहत 15 दिसंबर से पूरे प्रदेश में संशोधित दरें लागू कर दी जाएंगी

वैट को फिर से करना पड़ा शामिल

जब 2025-26 की आबकारी नीति का प्रारूप बनाया गया था, तब एक्साइज ड्यूटी पर से वैट हटाने का प्रस्ताव रखा गया था. विभाग का तर्क था कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी एक्साइज ड्यूटी पर वैट नहीं लगाया जाता, ऐसे में उत्तराखंड की नीति को प्रतिस्पर्धी बनाने और अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह निर्णय व्यावहारिक था. लेकिन राज्य के वित्त विभाग ने इस कदम पर आपत्ति जताई और राजस्व हानि की आशंका के मद्देनज़र वैट को हटाने की अनुमति नहीं दी. वित्त विभाग के रुख के बाद सरकार को नीति में सुधार करते हुए वैट को फिर से शामिल करना पड़ा।

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नई व्यवस्था लागू होने पर शराब के दामों में स्पष्ट उछाल देखने को मिलेगा. कंट्री मेड अंग्रेजी शराब के पव्वे पर करीब 10 रुपये, जबकि बोतल पर 40 रुपये की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. वहीं विदेशी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब के दाम प्रति बोतल 100 रुपये तक बढ़ जाएंगे।

इन राज्यों के मुकाबले पहले से ही महंगे हैं दाम

पहले से ही उत्तराखंड में शराब की कीमतें पड़ोसी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुकाबले अधिक हैं. ऐसे में दाम बढ़ने के बाद राज्य में शराब खरीदना और महंगा हो जाएगा. सरकार का तर्क है कि संशोधित नीति से राजस्व संग्रह मजबूत होगा. हालांकि, उपभोक्ताओं को इसके लिए अपनी जेब कुछ और ढीली करनी पड़ेगी।

क्या उत्तराखंड में शराब की अनुमति है?

नए नियमों के तहत, मॉल और डिपार्टमेंटल स्टोर्स में स्थित खुदरा शराब की दुकानों को केवल आयातित शराब, बीयर, वाइन और आरटीडी (रेडी-टू-ड्रिंक) बोतलें बेचने की अनुमति है । इसके अलावा, छोटी बोतलें—आधी और चौथाई आकार को छोड़कर—भी बेची जा सकेंगी।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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