नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने डिजिटल इंडिया (Digital India) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रेल वन एप के जरिए यात्रियों के लिए विशेष सुविधा की घोषणा की है। अब इस एप (APP) के माध्यम से जनरल यानी अनारक्षित टिकटों की बुकिंग करने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की सीधी छूट दी जाएगी।
14 जनवरी से 14 जुलाई 2026 तक लागू
यह सुविधा 14 जनवरी से 14 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। डिजिटल माध्यम से किराये का भुगतान करने पर यात्रियों को तीन फीसद की रियायत का लाभ मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को लंबी कतारों से बचाना और डिजिटल ट्रांजैक्शन (Digital Transaction) को बढ़ावा देना है।
रेल वन एप: एक सुपर प्लेटफॉर्म
रेलवे बोर्ड द्वारा लॉन्च किया गया रेल वन एप अब यात्रियों के लिए एक सुपर एप की तरह काम करेगा। अब तक अलग-अलग सुविधाओं के लिए अलग-अलग मोबाइल एप की जरूरत थी—जैसे आरक्षित टिकटों के लिए आईआरसीटीसी, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट के लिए यूटीएस एप, ट्रेनों की लाइव लोकेशन के लिए अलग वेबसाइट और शिकायतों के लिए रेल मदद एप।
एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाएं
अब यात्री इस एप के जरिए आरक्षित, जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के साथ-साथ मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) भी बनवा सकते हैं। इसके अलावा ट्रेनों की रियल-टाइम लोकेशन देखना, पीएनआर स्टेटस चेक करना और सफर के दौरान खाने का ऑर्डर देना भी आसान हो गया है।
यूजर फ्रेंडली और बहुभाषी इंटरफेस
यह एप हिंदी, अंग्रेजी सहित कई अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें आधार सत्यापन की सुविधा भी दी गई है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी।
सुरक्षित पंजीकरण और प्रोफाइल सेटअप
यात्री मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद प्रोफाइल सेक्शन में जाकर आधार नंबर और बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार सत्यापन के बाद रेल की तमाम सेवाओं का लाभ सुरक्षित तरीके से उठाया जा सकेगा।
यात्रियों के लिए राहत और आपातकालीन सहायता
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह कदम यात्रियों को अलग-अलग एप डाउनलोड करने की परेशानी से राहत देगा। आपातकालीन स्थिति में रेल मदद फीचर के जरिए तत्काल सहायता भी मिल सकेगी।
डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा और भविष्य की सुविधाएं
तीन प्रतिशत की छूट यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। भविष्य में यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए रेल वन एप में और भी महत्वपूर्ण बदलाव और सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं।
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