Waqf अधिनियम : एआईएमपीएलबी ने केंद्र के हलफनामे की सत्यता पर सवाल उठाया

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एआईएमपीएलबी
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एआईएमपीएलबी के कई गंभीर आरोप

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने केंद्र सरकार पर वक्फ मामले में उच्चतम न्यायालय में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया है और “झूठा हलफनामा” दाखिल करने के लिए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।

सरकार के बयान पर एआईएमपीएलबी की आपत्ति

सरकार के इस बयान पर गंभीर आपत्ति जताई है कि 2013 के बाद केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड की गई वक्फ संपत्तियों की संख्या में “चौंकाने वाली वृद्धि” दर्ज की गई। बोर्ड ने केंद्र पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया है और “झूठा हलफनामा” दायर करने के लिए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।

एआईएमपीएलबी ने कही बड़ी बात

एआईएमपीएलबी ने कहा है, “ऐसा प्रतीत होता है कि अपने हलफनामे में भारत संघ यह इशारा कर रहा है कि 2013 से पहले वक्फ के रूप में पंजीकृत सभी संपत्तियों को डब्ल्यूएएमएसआई पोर्टल पर तुरंत अपलोड किया गया था, जब यह चालू हुआ। पृष्ठ संख्या 158 पर पहले कॉलम में ‘2013 में संपत्तियों की संख्या’ शीर्षक के साथ यह कहना कि इसमें दर्शाइ गई वक्फ संपत्तियां ही पंजीकृत संपत्तियां थीं, शरारतपूर्ण है।”

स्पष्ट किया अपना रूख

बोर्ड ने कहा, “जवाबी हलफनामा दाखिल करने वाले व्यक्ति ने इस अदालत के समक्ष स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है और ऐसा प्रतीत होता है कि उसने सावधानीपूर्वक यह बयान देने से परहेज किया है कि ‘सभी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों को वर्ष 2013 में वेब पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया था।’ चूंकि, हलफनामे में यह महत्वपूर्ण पहलू गायब है, इसलिए इस दस्तावेज की सत्यता संदिग्ध है।

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