नई दिल्ली,। संसद का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए देश के विकास और भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति रिफॉर्म (Reform) परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर आधारित है और इसी दिशा में रिफॉर्म एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण को बताया दिशा-सूचक
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) के अभिभाषण का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसद इन अपेक्षाओं को गंभीरता से लेंगे और सदन की कार्यवाही में सकारात्मक योगदान देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 के प्रारंभ में राष्ट्रपति द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का यह एक बड़ा अवसर है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धमक
प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती वैश्विक साख पर जोर देते हुए कहा कि आज का आत्मविश्वास से भरा भारत दुनिया के लिए आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख किया।
युवाओं, किसानों और मछुआरों के लिए सुनहरा मौका
पीएम ने कहा कि 27 यूरोपीय देशों का विशाल बाजार अब भारतीय उत्पादों के लिए खुल गया है। यह समझौता भारतीय युवाओं, किसानों और मछुआरों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।
गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने देश के उत्पादकों और सर्विस सेक्टर के लोगों से अपील की कि वे इस वैश्विक अवसर का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की उत्तम गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धी कीमतों पर वैश्विक बाजार में उतरना होगा।
व्यवधान नहीं, समाधान का समय
विपक्ष और संसद की कार्यप्रणाली पर बात करते हुए प्रधानमंत्री (PM) ने कहा कि आज का समय व्यवधान पैदा करने का नहीं, बल्कि समाधान खोजने का है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे आलोचना के साथ-साथ समाधान प्रस्तुत करें और उन्हें जमीन पर उतारने में सहयोग दें।
लास्ट माइल डिलीवरी पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं को फाइलों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें आम लोगों के जीवन तक पहुंचाना है। अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना ही सरकार की प्राथमिकता है।
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अगली पीढ़ी के सुधारों की तैयारी
भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म की दिशा में आगे बढ़ रही है। बजट को लेकर देश में उत्साह स्वाभाविक है और रिफॉर्म एक्सप्रेस की गति रुकने वाली नहीं है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के संबोधन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बजट सत्र के दौरान सरकार का मुख्य फोकस आर्थिक विकास, वैश्विक व्यापार और आम आदमी के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाले नीतिगत फैसलों पर रहेगा।
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