नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर बीते कई दिनों से विवाद चल रहा है। यह मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो सुनवाई के दौरान ऐसे हालात बने कि मुख्य न्यायाधीश वकील पर भड़क गए। सीजेआई ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा— “ये अदालत है, आपकी असेंबली नहीं।”
तमिलनाडु सरकार की याचिका से जुड़ा है मामला
यह विवाद मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार (Tamilnadu Governement) द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। कोर्ट नंबर-1 में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।
किसने रखा पक्ष
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने दलीलें पेश कीं, जबकि केंद्र सरकार और यूजीसी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में मौजूद रहे। मूल याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने किया।
बहस के दौरान बिगड़ा माहौल
सुनवाई के दौरान जब पी. विल्सन ने यूजीसी की भूमिका और मद्रास हाई कोर्ट (Madras High court) के फैसले पर तीखी टिप्पणियों के साथ दलीलें रखनी शुरू कीं, तो बहस का स्तर व्यक्तिगत और शोर-शराबे वाला हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख सीजेआई सूर्यकांत ने कड़े शब्दों में हस्तक्षेप किया।
सीजेआई की सख्त टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“कृपया खुद को याद दिलाएं कि यह असेंबली नहीं है। यह कोर्ट नंबर-1 है—देश का सर्वोच्च न्यायालय।”
इस टिप्पणी से अदालत ने साफ संकेत दिया कि कानूनी बहस में मर्यादा बनाए रखना अनिवार्य है।
कुलपति नियुक्ति को लेकर केंद्र और राज्य में टकराव
यह पूरा विवाद तमिलनाडु में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति के अधिकार को लेकर है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट द्वारा राज्य के नए कानूनों पर लगाए गए अंतरिम स्टे को रद्द कर दिया।
हाई कोर्ट को 6 हफ्ते में फैसला सुनाने का निर्देश
शीर्ष अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने राज्य सरकार को पर्याप्त अवसर दिए बिना जल्दबाजी में कानून पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब मद्रास हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह इस संवेदनशील मामले में 6 सप्ताह के भीतर अंतिम फैसला सुनाए।
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फिलहाल कोई नई नियुक्ति नहीं
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और पी. विल्सन ने अदालत को भरोसा दिलाया कि हाई कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सरकार कोई नई नियुक्ति नहीं करेगी। इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में फिलहाल राज्य की स्वायत्तता और यूजीसी के नियमों के बीच संतुलन बना हुआ है।
UGC के चेयरमैन कौन हैं?
यूजीसी (UGC) के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशी हैं, जो एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने 11 अप्रैल 2025 को अतिरिक्त कार्यभार संभाला था; वे शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव भी हैं और वर्तमान में कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं, क्योंकि पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार सेवानिवृत्त हो गए थे।
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