बेंगलुरु। कर्नाटक में भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी (Vinay Kulkarni) को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
15 अप्रैल 2024 से सदस्यता समाप्त
कर्नाटक विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, कुलकर्णी की सदस्यता 15 अप्रैल 2024 से समाप्त मानी गई है, जिस दिन विशेष अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था।
संविधान और कानून के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191(1)(ई) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत की गई है।विधानसभा सचिव एम.के. विशालाक्षी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अयोग्यता न केवल उनकी सजा की अवधि के दौरान प्रभावी रहेगी, बल्कि जेल से रिहाई के बाद भी अगले छह वर्षों तक लागू रहेगी। इस फैसले के बाद धारवाड़ विधानसभा सीट को आधिकारिक तौर पर रिक्त घोषित कर दिया गया है।
2016 का चर्चित हत्याकांड
यह मामला वर्ष 2016 का है, जब 15 जून को धारवाड़ के एक जिम में भाजपा नेता योगेश गौड़ा (Bjp Leader Yogesh Gauda) की निर्मम हत्या कर दी गई थी। गौड़ा को विनय कुलकर्णी का राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता था।
CBI जांच में बढ़ीं मुश्किलें
घटना के समय कुलकर्णी सिद्धारमैया सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। शुरुआत में उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन भाजपा द्वारा इसे बड़ा मुद्दा बनाए जाने और जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गईं।
उम्रकैद की सजा
सीबीआई जांच में उन्हें हत्या की साजिश रचने का मुख्य आरोपी पाया गया। बेंगलुरु की विशेष अदालत ने 15 अप्रैल को कुलकर्णी समेत 16 अन्य लोगों को इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दबाव के बाद जारी हुआ आदेश
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर ने शुरुआत में सजा की आधिकारिक सूचना मिलने तक कार्रवाई में देरी की बात कही थी, लेकिन विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव के बाद यह अधिसूचना जारी की गई।
हाईकोर्ट में दी चुनौती
कुलकर्णी, जो वर्तमान में कर्नाटक अर्बन वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के अध्यक्ष भी थे, ने इस सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की है।
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सियासत में मची हलचल
फिलहाल वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि एक रसूखदार नेता को अपने ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के षड्यंत्र में पद गंवाना पड़ा है।
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