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National- महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सख्त, सभी सांसदों को विशेष सत्र में मौजूद रहने का निर्देश

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: April 14, 2026 • 1:42 PM
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नई दिल्ली, महिला आरक्षण विधेयक में परिसीमन समेत अन्य सियासी मुद्दों को शामिल किए जाने की संभावनाओं के बीच सियासत तेज हो गई है। चुनावी माहौल में यदि सरकार इस विधेयक को नए सियासी आयाम देने की कोशिश करती है, तो विपक्ष भी पूरी तैयारी के साथ उसे घेरने की रणनीति बना रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने लोकसभा में अपने सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।

कांग्रेस ने जारी किया सख्त व्हिप

इस व्हिप के तहत पार्टी के सभी लोकसभा सदस्य 16, 17 और 18 अप्रैल (गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार) को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और पार्टी के रुख के अनुसार मतदान करेंगे। पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की गैरहाजिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महिला आरक्षण विधेयक का राजनीतिक इतिहास

उल्लेखनीय है कि महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा से यूपीए सरकार (UPA Government) के समय ही पारित हो गया था। हालांकि लोकसभा में सहयोगी दलों और अन्य पार्टियों के विरोध के चलते इसे पारित नहीं कराया जा सका था। उस समय राजद, सपा और जदयू जैसे दलों ने एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की मांग उठाई थी।

विपक्ष की रणनीति पर नजर

अब विधेयक का नया प्रारूप क्या होगा, यह साफ होने के बाद ही विपक्ष अपनी रणनीति तय करेगा। माना जा रहा है कि फ्लोर टेस्ट के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है और राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।

संसद के विशेष सत्र की अहमियत

कांग्रेस संसदीय दल के चीफ व्हिप द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि इन तीन दिनों के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और मतदान प्रस्तावित है। ऐसे में सभी सांसदों की उपस्थिति पार्टी के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। व्हिप में सांसदों को सुबह 11:00 बजे से सदन की कार्यवाही शुरू होने से लेकर स्थगन तक मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर हाल में पार्टी लाइन का पालन करना होगा।

तीन लाइन व्हिप क्यों होता है खास?

तीन लाइन का व्हिप संसद में जारी होने वाला सबसे सख्त निर्देश माना जाता है। इसके तहत पार्टी के सभी सांसदों के लिए सदन में उपस्थित रहना और पार्टी के निर्देशानुसार मतदान करना अनिवार्य होता है।यदि कोई सांसद इसका उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सदस्यता समाप्ति तक का प्रावधान शामिल है।

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निर्णायक हो सकता है मतदान

विशेषज्ञों का मानना है कि तीन लाइन व्हिप जारी होने का मतलब है कि सदन में होने वाला मतदान बेहद अहम और राजनीतिक रूप से निर्णायक होने वाला है। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने सांसदों की एकजुटता सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। लोकसभा की आगामी कार्यवाही पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां महिला आरक्षण विधेयक पर जोरदार बहस और महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना है।

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