Latest News : MP में कफ सिरप बना जानलेवा, आंकड़ा 20 पार

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कफ सिरप
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कोल्ड्रिफ’ सिरप बना मौत का ज़हर

मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ’ नामक कफ सिरप (Cough syrup) के इस्तेमाल से बच्चों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। हाल ही में तीन और मासूम बच्चों की जान चली गई, जिससे अब तक मरने वालों की संख्या 20 हो चुकी है।

मासूमों की जिंदगी पर लापरवाही भारी

जिन बच्चों की मौत हुई है, उनकी उम्र 2 से 6 साल के बीच बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि बच्चों को ये सिरप देने के बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई, लेकिन समय रहते कोई मदद नहीं मिली।

मध्य प्रदेश (MP) में कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटों में तीन और बच्चों की मौत के बाद आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है। पांच बच्चे नागपुर में गंभीर हालत में भर्ती हैं। सरकार का कहना है कि आरोपी कंपनी कोल्ड्रिफ के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए पुलिस टीम चेन्नई और काछीपुरम रवाना की गई है  

मध्य प्रदेश में कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत का सिलसिला

Madhya Pradesh Cough Syrup Case: मध्य प्रदेश में कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों में तीन और मासूमों ने दम तोड़ दिया। अब मरने वालों की संख्या 20 पर पहुंच गई है।

छिंदवाड़ा में 17, पांढुर्ना में एक और बैतूल में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। पांच बच्चे अब भी नागपुर में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। अब कोल्ड्रिफ बनाने वाली कंपनी के ऑनर को गिरफ्तार किया जाएगा। उसे पकड़ने के लिए दो टीम चेन्नई और काछीपुरम पहुंच चुकी हैं।

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मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में छिंदवाड़ा, पांढुर्ना और बैतूल को मिलाकर अब तक 20 बच्चों की जान जा चुकी है। सरकार बहुत सख्त है। आरोपी कंपनी, कोल्ड्रिफ बनाने वाली कंपनी के ऑनर को गिरफ्तार करने के लिए छिंदवाड़ा पुलिस की टीम चेन्नई और काछीपुरम पहुंच चुकी है।

भारत सरकार, आईसीएमआरसी की एडवायजरी है

आईएनएस के हड़ताल पर जाने पर शुक्ल ने कहा कि वो हड़ताल पर न जाएं, अपना काम करें। चार साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरफ न देने की जो भारत सरकार, आईसीएमआरसी की एडवायजरी है, उसका पालन करने का निवेदन किया है। शुक्ल ने कहा कि मैं कल नागपुर में गया था। वहां पांच बच्चे भर्ती हैं। वहां परिजनों से मिला और बच्चों की देखा। सभी लोग बच्चों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। 

दुनिया की सबसे अच्छी खांसी की दवाई कौन सी है?

सूखी खांसी के लिए सबसे अच्छी खांसी की दवा: रोबिटसिन जैसी एंटीट्यूसिव । गीली खांसी के लिए सबसे अच्छी खांसी की दवा: म्यूसिनेक्स जैसी एक्सपेक्टोरेंट। एलर्जी या नाक से पानी बहने के कारण होने वाली खांसी के लिए सबसे अच्छी खांसी की दवा: बेनाड्रिल जैसी एंटीहिस्टामाइन।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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