पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया है। यह आदेश पटना स्थित सांसद-विधायक मामलों की विशेष अदालत ने दिया है। आरोप है कि तीनों ने धोखाधड़ी कर एक मकान किराए पर लिया और लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके चलते कोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है।
लगातार गैरहाजिरी बनी कार्रवाई की वजह
विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय ने सांसद पप्पू यादव, शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद की लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट पहले ही तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (Arrested Warant) और इश्तिहार जारी कर चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद हाजिरी नहीं दी गई।
7 फरवरी को तय है अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी को निर्धारित की गई है। अब देखना होगा कि आरोपी अदालत के समक्ष पेश होते हैं या नहीं, और आगे कोर्ट क्या रुख अपनाती है।
1995 से जुड़ा है पूरा विवाद
यह मामला वर्ष 1995 का बताया जा रहा है। पटना (Patna) के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में विनोद बिहारी लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि उनके मकान को धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसका इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। मकान किराए पर लेते समय इस तथ्य को कथित तौर पर छिपाया गया था।
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दो अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल
इस प्रकरण में सांसद पप्पू यादव के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। कोर्ट का मानना है कि तीनों जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बचते रहे हैं, इसी कारण कुर्की-जब्ती की कार्रवाई का आदेश दिया गया।
पप्पू यादव कितनी बार सांसद बने हैं?
पप्पू यादव पूर्णिया से चार बार और मधेपुरा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद चुने गए थे।
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