पटना में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क (Network) का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे इस गिरोह पर की गई संयुक्त कार्रवाई में 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 15 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी में साइबर अपराध (Cyber Crime) के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त कार्रवाई
पटना पुलिस और साइबर अपराध इकाई ने आर्थिक अपराध इकाई के सहयोग से शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कॉल सेंटर के नाम पर चल रहे साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया।
कॉल सेंटर के जरिए रची जाती थी ठगी की साजिश
साइबर थाने की डीएसपी संगीता ने बताया कि आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग साइबर कैफे से आम लोगों का निजी डेटा अवैध तरीके से हासिल करते थे। इसके बाद वे खुद को सरकारी या नामी निजी संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर फोन करते और लोगों को भ्रम में डालकर पैसे ऐंठते थे।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में सामान जब्त
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है। इनमें 53 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, 12 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
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करोड़ों की ठगी की आशंका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और अब तक करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की आशंका है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से सावधान रहें और तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दें।
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