प्यार में फंसाकर संबंध बनाए, 3 बार अबॉर्शन कराया; 2020 में PSC पास आउट हुआ था
एक महिला कॉन्स्टेबल ने डिप्टी कलेक्टर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने प्यार का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिला आरक्षक से रेप के आरोपी डिप्टी कलेक्टर (Dilip) दिलीप उइके को निलंबित कर दिया गया है। 6 महीने पहले जिले के डौंडी थाना क्षेत्र में एक महिला आरक्षक ने FIR दर्ज कराई थी कि दिलीप उइके शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाए। वह 3 बार प्रेग्नेंट हुई, तीनों बार जबरन अबॉर्शन करवा दिया था।
उस दौरान उइके बीजापुर (Bijapur) में पदस्थ थे। युवती ने शिकायत में बताया कि डिप्टी कलेक्टर ने उसके नाम से कार खरीदी, 3 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाए। लेकिन शादी की बात करने पर टालमटोल करता रहा। इसके बाद विवाद बढ़ा तो बातचीत बंद कर दी थी। बता दें कि 6 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने RTI लगाया था। जहां सामान्य प्रशासन विभाग ने सस्पेंड होने की जानकारी दी।
दोनों के बीच 8 साल से अफेयर था

आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके डौंडी ब्लॉक के अंवारी गांव का रहने वाला है। डौंडी क्षेत्र की रहने वाली सीएएफ महिला आरक्षक ने बताया कि उनका परिचय साल 2017 में हुआ था।
दोनों डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। ये बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और फिर अफेयर में बदल गई। युवती का कहना है कि दिलीप ने उससे शादी का वादा किया। फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
मार्च 2017 में पहली बार कराया अबॉर्शन
युवती ने बताया कि वह और दिलीप उइके एक ही जाति के हैं। मार्च 2017 में वह पहली बार प्रेग्नेंट हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई तो उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाई पूरी होने दो, फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचेंगे। इसके बाद, दिलीप ने उसे बहला-फुसलाकर जबरन दवा देकर अबॉर्शन करवा दिया।
युवती ने पढ़ाई, कोचिंग के लिए दिए पैसे
अगस्त 2017 में उसकी पुलिस विभाग में नौकरी लग गई, जबकि दिलीप ने दुर्ग साइंस कॉलेज में आगे की पढ़ाई शुरू की। शुरुआत में वह हॉस्टल में रहे, फिर किराए के मकान में रहने लगे।
शादी की उम्मीद में और उनके रिश्ते के चलते वह हर महीने दिलीप की पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए 4 से 5 हजार रुपए उनके खाते में भेजती रही। इस दौरान जब भी दोनों मिलते, दिलीप शादी का वादा करते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा।
2020 में PSC पास कर बना डिप्टी कलेक्टर
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, दिलीप उइके ने साल 2020 में पीएससी परीक्षा पास की। उन्हें डिप्टी कलेक्टर पद पर बीजापुर में पोस्टिंग मिली। नौकरी मिलने के बाद जब शादी के लिए कहा, तो दिलीप ने हर बार टालते हुए कहा कि अभी हालात ठीक नहीं हैं। पहले वह पूरी तरह से सेटल हो जाए, फिर शादी की जाएगी।
युवती के नाम से खरीदी कार
युवती ने बताया कि फरवरी 2023 में दिलीप ने कार (ब्रेजा) खरीदी, जिसका नंबर CG 24T 3967 है। फरवरी 2024 में दिलीप ने कार का लोन अपने बैंक खाते से मेरे के खाते में ट्रांसफर करा दिया। इसके बाद कार को अपने नाम पर करवा लिया।
अंडमान घुमाने ले गया
युवती ने बताया कि दिसंबर 2024 में दिलीप उसे अंडमान घुमाने ले गया, जहां 2 से 6 दिसंबर तक दोनों के बीच संबंध बने। करीब एक महीने बाद युवती को दोबारा गर्भवती होने की जानकारी हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई, तो उसने उसे बीजापुर बुलाया।
जनवरी 2025 में गर्भपात की दवा दी
जनवरी 2025 में करीब एक हफ्ते तक दिलीप के सरकारी क्वार्टर में रही। इस दौरान दिलीप ने समाज में बदनामी का डर दिखाकर 13 जनवरी को जबरदस्ती उसे गर्भपात की दवा दे दी।
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दवा लेने के बाद बिगड़ी तबीयत
युवती ने बताया कि दवा लेने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद दिलीप ने मंदिर में शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद फरवरी और मार्च 2025 में उसने बार-बार शादी का झांसा देकर फिर शारीरिक संबंध बनाए और पैसों की मांग की। इस दौरान महिला ने बैंक से लोन लेकर कुल 3 लाख 30 हजार रुपए दिलीप के खाते में ट्रांसफर किए।
मई 2025 में फिर गर्भपात की दवाई दी
मई 2025 में वह तीसरी बार गर्भवती हुई। लेकिन दिलीप ने शादी का झांसा देकर 15 मई 2025 को उसे जबरदस्ती गर्भपात की दवा दी। बार-बार फोन करने के बावजूद डिप्टी कलेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। जब विवाद बढ़ा तो 2 जून 2025 को दिलीप शादी के वादे से मुकर गया।
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