DGCA : हवाई यात्राओं को और सुरक्षित बनाने के लिए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने सख्त कदम उठाया है। अब विमान के अंदर पावर बैंक का इस्तेमाल करके मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही सीट पर उपलब्ध पावर आउटलेट से भी पावर बैंक चार्ज नहीं किया जा सकेगा।
डीजीसीए ने यह फैसला लिथियम बैटरियों से जुड़ी आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लिया है। नए ‘डेंजरस गुड्स एडवाइजरी सर्कुलर’ में कहा गया है कि पावर बैंक और पोर्टेबल चार्जर में मौजूद लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्म होकर आग लगने का कारण बन सकती हैं।
नए नियमों के अनुसार, पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति होगी। इन्हें ओवरहेड केबिन या चेक-इन बैगेज में रखने की इजाजत नहीं होगी, क्योंकि वहां आग लगने की स्थिति में उसे पहचानना और बुझाना मुश्किल हो जाता है।
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डीजीसीए ने चेतावनी दी है कि लिथियम बैटरी से लगी (DGCA) आग बेहद खतरनाक होती है और कई बार खुद-ब-खुद फैलती रहती है। खराब गुणवत्ता वाली, पुरानी, क्षतिग्रस्त या ओवरचार्ज की गई बैटरियों से विस्फोट का खतरा भी रहता है।
इसी कारण एयरलाइंस को अपने सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और केबिन क्रू को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को भी यह सलाह दी गई है कि यदि किसी उपकरण से धुआं, अधिक गर्मी या अजीब गंध महसूस हो, तो तुरंत केबिन स्टाफ को सूचित करें।
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान और दक्षिण कोरिया में एयर बुसान फ्लाइट में पावर बैंक से आग लगने की घटनाओं के बाद यह फैसला लिया गया है। एमिरेट्स और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पहले से ही ऐसे नियम लागू कर चुकी हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए ने इन सख्त निर्देशों को लागू किया है।
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