चैन्नई,। तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए DMK और AIADMK के एक साथ आने की खबरें चर्चा में हैं। हालांकि इस संभावित गठबंधन की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में मची इस हलचल ने विजय की मुख्यमंत्री बनने की राह को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
विजय की फिल्म ‘सरकार’ से हो रही मौजूदा हालात की तुलना
दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान राजनीतिक हालात की तुलना विजय की साल 2018 में आई Sarkar के एक दृश्य से की जा रही है, जो अब इंटरनेट पर वायरल है। उस फिल्म में भी विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए दो बड़ी प्रतिद्वंदी पार्टियां हाथ मिला लेती हैं। सोशल मीडिया यूजर्स (Social Media Users) इस संयोग को फिल्मी आयरनी करार देते हुए फिल्म को अपने समय से आगे की सोच वाली बता रहे हैं।
टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से अभी दूर
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो विजय की पार्टी टीवीके ने हालिया चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया है। विजय ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है, लेकिन राज्यपाल ने पूर्ण बहुमत यानी 118 विधायक होने की शर्त रखी है। इसके लिए विजय ने थोड़ा और समय मांगा है।
डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की चर्चाएं तेज
दूसरी ओर, विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए डीएमके (59 सीटें) और एआईएडीएमके (47 सीटें) के गठबंधन की चर्चाएं तेज हैं। यदि ये दोनों दल साथ आते हैं, तब भी इनका संयुक्त आंकड़ा 106 ही पहुंचता है, जो बहुमत से दूर है। ऐसे में इन्हें अन्य छोटे दलों या निर्दलीयों के समर्थन की जरूरत होगी।
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सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इस पर टिकी नजरें
फिलहाल तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, यह इस पर निर्भर करेगा कि कौन सा खेमा पहले जादुई आंकड़े को छूने में सफल होता है। राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें अब राजभवन की अगली कार्रवाई और जोड़-तोड़ की इस राजनीति पर टिकी हैं।
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