Travel Tips: मानसून में इन जगहों पर न जाएं घूमने, मुसीबत में फंस सकते हैं आप

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मानसून
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पहाड़ों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो..

एक ओर जहां शहरों में लोग तपती गर्मी से परेशान हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों पर बारिश और बादल फटने आदि की घटनाएं परेशानी का कारण बन गई हैं। मानसून (Monsoon) में बहुत लोग पहाड़ों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन हादसे और बादल फटने की खबर से घबरा भी रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी मानसून में कुछ दिनों में पहाड़ों पर घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आपको भी अलर्ट हो जाना चाहिए। क्योंकि इस समय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड (Uttrakhand) की कुछ जगहों पर जाना बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। वहीं मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है

इन जगहों पर जाना सेफ नहीं

इन दिनों कुल्लू घूमने जाना खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि कुल्लू में बादल फटने के कारण पानी का रौद्र रूप देखने को मिला है। कुल्लू में बादल फटने के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, जिसकी वजह से जान-माल को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में मानसून में कुल्लू घूमने जाना सेफ नहीं है।

मंडी

कुल्ली में बादल फटने की खबर के बाद मंडी जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि ब्यास नदी के किनारे से दूर रहें। क्योंकि पानी के बहाव और बारिश के कारण हादसा हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

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मणिकर्ण

मानसून में मणिकर्ण साहिब दर्शन का प्लान बनाना भी काफी खतरनाक साबित हो सकता है। बीते दिनों ब्रह्मगंगा और गड़सा के गोमती नदी में बादल के फटने से पानी का स्तर अचानक से तेज हो गया। ऐसे में अगर आप मणिकर्ण जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस समय यहां जाना सुरक्षित नहीं है। वहीं अगर आप मणिकर्ण में हैं और ज्यादा बारिश हो रही है, तो प्रयास करें कि होटल में रहे। पहाड़ों पर घूमने का प्लान बनाने से पहले मौसम का अपडेट रखना जरूरी है।

कांगड़ा

कांगड़ा में भी बादल फटने की वजह से काफी नुकसान देखने को मिला है। पानी के तेज बहाव में कई गाड़ियां भी बह गईं। ऐसे में अगर आप भी कांगड़ा घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सेफ्टी के लिहाज से आपको लोकेशन बदल लेनी चाहिए। आप मानसून में पहाड़ी इलाकों से दूर अन्य हिल स्टेशन पर घूमने के लिए जा सकते हैं। क्योंकि मानसून में किसी भी पहाड़ी इलाके में यात्रा करना सुरक्षित नहीं है।

टूरिज्म कितने प्रकार का होता है?

टूरिज्म मुख्य रूप से छह प्रकार का होता है: एतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, एडवेंचर, इको टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म।

टूरिज्म से क्या लाभ है?

टूरिज्म से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा और विदेशी मुद्रा अर्जन में मदद मिलती है।

यात्रा कितने प्रकार की होती है?

यात्रा के प्रमुख प्रकार हैं: धार्मिक यात्रा, व्यावसायिक यात्रा, साहसिक यात्रा, स्वास्थ्य यात्रा और मनोरंजन यात्रा।

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