తెలుగు | Epaper

National-लॉकडाउन पर अफवाहों का अंत, केंद्र ने दी बड़ी जानकारी, एक्साइज ड्यूटी पर भी अपडेट

Anuj Kumar
Anuj Kumar
National-लॉकडाउन पर अफवाहों का अंत, केंद्र ने दी बड़ी जानकारी, एक्साइज ड्यूटी पर भी अपडेट

नई दिल्ली। हरदीप सिंह पुरी ने देशभर में संभावित लॉकडाउन (Lockdown) की अफवाहों पर शुक्रवार को साफ तौर पर विराम लगा दिया। भारत सरकार (India Government) की ओर से स्पष्ट किया गया कि ईरान-इजरायल युद्ध के बावजूद देश में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्री ने कहा कि ऐसी अफवाहें न केवल गलत हैं, बल्कि आम जनता में अनावश्यक डर और भ्रम फैलाने का काम करती हैं।

लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह बेबुनियाद

पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत में लॉकडाउन लागू करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरों पर विश्वास न करें और अफवाहें फैलाने से बचें।

सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा आर्थिक बोझ उठाया है। पेट्रोल पर करीब 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 30 रुपये प्रति लीटर का दबाव कम करने के लिए करों में समायोजन किया गया है। साथ ही निर्यात कर भी लगाया गया है, ताकि घरेलू आपूर्ति प्रभावित न हो।

वैश्विक हालात अब भी अस्थिर

इजरायल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War) के चलते अंतरराष्ट्रीय हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं। सरकार ऊर्जा आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है।पुरी ने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

अन्य पढ़े: वैश्विक तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा, मई में शी जिनपिंग से होगी अहम मुलाकात

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसका असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है—

  • दक्षिण-पूर्व एशिया: 30%–50% तक बढ़ोतरी
  • उत्तरी अमेरिका: करीब 30% बढ़ोतरी
  • यूरोप: लगभग 20% वृद्धि
  • अफ्रीका: 50% तक उछाल

सरकार के सामने मुश्किल विकल्प

सरकार के सामने दो विकल्प थे—या तो अंतरराष्ट्रीय बाजार की तरह घरेलू कीमतों में भारी बढ़ोतरी की जाए, या फिर खुद आर्थिक बोझ उठाकर जनता को राहत दी जाए। भारत सरकार ने दूसरा रास्ता चुना, ताकि देशवासियों को वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर न झेलना पड़े।

Read More :

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870