नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब देश के आम उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है। शुक्रवार सुबह छह बजे से दिल्ली समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई। करीब तीन साल बाद पहली बार ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.91 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.78 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 105.14 रुपये से 107.14 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है
नई कीमतों ने बढ़ाई चिंता
नई दरों के अनुसार नियमित पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.91 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह नियमित डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.78 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस बढ़ोतरी को महंगाई के नए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
तेल कंपनियों ने बताई वजह
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया (Nischal Singhania) ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी के चलते तेल कंपनियों ने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों को आधी रात ई-मेल के जरिए नई दरों की जानकारी भेजी गई थी, जिसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे से बढ़ी हुई कीमतें लागू कर दी गईं।
यात्रियों और कारोबारियों पर असर
ईंधन की कीमतों में हुई इस वृद्धि का सीधा असर दैनिक यात्रियों, ट्रांसपोर्ट कारोबार और छोटे व्यवसायियों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
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