नई दिल्ली। भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) पूरे आन-बान और शान के साथ मना रहा है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का अद्भुत नजारा देखने को मिला। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ यूरोपीय मेहमानों की मौजूदगी और ‘वंदे मातरम’ की गूंज ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।
यूरोपीय नेतृत्व की मौजूदगी ने बढ़ाया समारोह का वैश्विक महत्व
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास रहा, क्योंकि मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मौजूद थीं। उनकी उपस्थिति ने भारत की वैश्विक कूटनीतिक भूमिका को और मजबूती दी।
‘वंदे मातरम’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित रही परेड
इस बार की परेड ‘स्वतंत्रता का मंत्र—वंदे मातरम (Vande Matram) और ‘समृद्धि का मंत्र—आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर आधारित थी। कर्तव्य पथ पर बंकिम चंद्र चटर्जी की स्मृतियों को फूलों और ऐतिहासिक पेंटिंग्स के जरिए जीवंत किया गया, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
हिम योद्धा और स्वदेशी डॉग स्क्वायड बने आकर्षण का केंद्र
परेड में इस बार कुछ ऐसे अनोखे दस्ते शामिल हुए, जिन्होंने सबका ध्यान खींचा। लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में तैनात रहने वाले बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर टट्टू और शिकारी काले चील (Rapter) पहली बार ‘हिम योद्धा’ के रूप में नजर आए। इसके साथ ही स्वदेशी नस्ल के हाई-टेक कुत्ते—मुधोल हाउंड और रामपुर हाउंड—बुलेटप्रूफ जैकेट, जीपीएस और कैमरों से लैस होकर परेड में शामिल हुए।
नारी शक्ति की दमदार मौजूदगी, राजस्थान का बढ़ा मान
परेड में महिला नेतृत्व का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। तटरक्षक बल से लेकर सीआरपीएफ तक महिला अधिकारियों ने मार्चिंग दस्तों की कमान संभाली। विशेष रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर की सुश्री चारू सिंह ने 200 स्वयंसेवकों वाले ‘माय भारत राष्ट्रीय सेवा योजना’ दल का नेतृत्व कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
आसमान में ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ ने बांधा समां
भारतीय वायुसेना के 29 लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने आकाश में शानदार फ्लाईपास्ट किया। इस दौरान बना ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के एमआई-17 विमानों ने कर्तव्य पथ पर फूलों की वर्षा कर समारोह को और भव्य बना दिया।
भारत की सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भरता
इस परेड में कुल 30 झांकियां निकाली गईं, जिनमें 17 राज्यों और 13 मंत्रालयों की झलक देखने को मिली। झांकियों में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता को प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया गया।
शहीदों को नमन और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली जमीन से लेकर आसमान तक अभेद्य किले में तब्दील रही, वहीं यमुना में बोट पेट्रोलिंग के जरिए कड़ी निगरानी रखी गई।
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