Latest News : गर्भवती महिलाओं के लिए 11,000 रुपये की सरकारी सहायता

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गर्भवती
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देश में महिलाओं की आर्थिक मदद और गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान उनकी सेहत का ध्यान रखने के लिए मोदी सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)। यह स्कीम गर्भवती महिलाओं को पैसों की मदद देती है, ताकि उनका और बच्चे का ख्याल अच्छी तरह रखा जा सके। अगर आप प्रेग्नेंट हैं या किसी को जानती हैं जो पहली बार मां बनने वाली है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में कुल 11,000 रुपये तक सीधे भेजती है। अगर आपने अभी तक इसका फायदा नहीं उठाया है, तो आप एक बड़ी मदद से वंचित हो सकती हैं।

क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना?

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए शुरू की गई एक केंद्र सरकार की फ्लैगशिप स्कीम है। इसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं को आर्थिक मदद देकर उनके स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल को मजबूत करना है, ताकि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। इस योजना के तहत महिलाओं को सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि भेजी जाती है

किसे मिलते हैं 11,000 रुपये?

योजना के तहत राशि दो हिस्सों में दी जाती है

  1. पहली संतान पर 5000 रुपये: यह राशि तीन किस्तों में मिलती है- पहली किस्त गर्भावस्था रजिस्ट्रेशन पर, दूसरी किस्त स्वास्थ्य जांच पूरी करने पर और तीसरी किस्त बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण रिकॉर्ड पर। यह पैसा गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य जांच, आराम और जरूरी मेडिकल जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जाता है।
  2. अगर दूसरी संतान बेटी हो तो 6000 रुपये एक्स्ट्रा: दूसरी संतान के रूप में बेटी होने पर सरकार महिला को 6000 रुपये एक्स्ट्रा सहायता देती है। इस तरह कुल राशि 11,000 रुपये तक पहुंच जाती है।

कैसे करें आवेदन?

इस योजना का लाभ पाने के लिए महिलाओं को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आइए जानते हैं पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:

  • योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmmvy.wcd.gov.in पर जाएं।
  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
  • जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, जैसे पहचान पत्र, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और गर्भावस्था से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट।
  • महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी जरूरी है।
  • आवेदन बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए।

इस योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं को मिलता है, चाहे वे किसी भी वर्ग (SC/ST/OBC/General) से हों। दिव्यांग और आयुष्मान भारत लाभार्थी महिलाएं भी इसमें शामिल हैं।

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अब तक लाखों महिलाओं को मिला फायदा

देशभर में लाखों महिलाओं ने इस योजना से न सिर्फ आर्थिक राहत पाई है बल्कि बेहतर पोषण, अच्छी मेडिकल जांच और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक स्थिति दोनों में सुधार लाती है।

गर्भावस्था के 10 खतरे के संकेत क्या हैं?

गर्भावस्था में खतरें के संकेत-danger signs in pregnancy

  • किसी भी महिने में रक्त आना।
  • पेट के निचले भाग व कमर में दर्द होना।
  • तेज चक्कर, सरदर्द व झटके आना।
  • पुरे शरीर पर सूजन आना व साथ में ब्लड प्रेषर बढ़ना।
  • पेषाब में दर्द , खून निकलना या गहरा पीला हल्दी जैसा पेषाब होना।
  • गर्भावस्था के साथ डायबिटिस या थायराईड की समस्या होना।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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