चारधाम यात्रा के लिए अब ग्रीन कार्ड काउंटर श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। यह कदम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया है।
ग्रीन कार्ड रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी?
- सुरक्षा और सुव्यवस्था
- यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट में मदद
- आकस्मिक परिस्थितियों में ट्रैकिंग की सुविधा
देहरादून प्रशासन ने चारधाम यात्रा 2026 की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने व्यावसायिक यात्री वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाने शुरू कर दिए हैं, जो आशारोड़ी, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार व रुड़की समेत विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे हैं.
उत्तराखंड में देहरादून प्रशासन ने चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है. प्रशासन की मंशा है यात्रा के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सविधा और सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना है. वहीं वाहनों के आवागमन के लिए परिवहन विभाग ने भी तैयारी पूरी कर ली है. आज से चारधाम मार्गों पर संचालित होने वाले व्यावसायिक यात्री वाहनों के ग्रीन कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे.
जानकारी के मुताबिक, देहरादून की आशारोड़ी चेक पोस्ट, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार व रुड़की एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड (green card) बनाए जाएंगे. आरटीओ री तरफ अलग-अलग तारीख पर इन स्थानों पर ग्रीन कार्ड बनाएगा. 15 अप्रैल से रुड़की की नारसन चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड बनवा सकेंगे. आरटीओ (प्रशासन) ने एआरटीओ (प्रशासन) को ग्रीन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं. वर्ष 2025 में करीब 32,000 कॉमर्सियल वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए गए थे.
कब खुलेंगे कपाट?
19 अप्रैल को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी. 22 अप्रैल को केदारनाथ व 23 अप्रैल बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. ऐसे में बाहरी राज्यों के वाहनों के प्रवेश से पहले स्थानीय वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जाएंगे, ताकि स्थानीय वाहन चालकों को लाइन में लंबा इंतजार न करना पड़े.
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अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि ग्रीन कार्ड बनवाने वाले वाहन चालकों को वाहन साथ लाने होंगे. वहीं ये भी कहा गया है कि ग्रीन कार्ड तभी जारी किया जाएगा, जब वाहन के दस्तावेज पूरे होंगे. ग्रीन कार्ड बनाने के दौरान वाहनों का तकनीकी निरीक्षण भी किया जाएगा.
कैस बनेंगे ग्रीन कॉर्ड?
वहीं ये भी कहा गया कि अगर ग्रीन कार्ड बनवाने वाले वाहनों के दस्तावेज सही पाए गए, लेकिन उनमें तकनीकी खराबी होती है तो ऐसे में उनके ग्रीन कार्ड बनाने पर रोक लगाई जाएगी. उन्होेंने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है.
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