HP: पहाड़ों पर कुदरत का कहर! कुल्लू में बिल्डिंग गिरी, उत्तराखंड-हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही, कई लोग लापता

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कुल्लू
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मैदान से पहाड़ों तक बारिश का कहर जारी

दिल्ली समेत देश के कई शहरों से बारिश (Rain) से बर्बादी की खबरें आ रही हैं। देश के बड़े इलाकों में मॉनसूनी आफत बरस रही है। दिल्ली में आज भी भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल (Himanchal) में कुल्लू और शिमला जिले के करीब बादल फटा है, इसमें करीब 44 लोग लापता बताए जा रहे हैं और 11 लोगों की मौत हो गई है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल और केरल के वायनाड में भी बादल फटने की घटना हुई है। यानी मैदान से पहाड़ों तक बारिश का कहर जारी है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बुधवार को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में तीन लोग बह गए तथा कई घर, एक स्कूल भवन, संपर्क सड़कें और छोटे पुल क्षतिग्रस्त हो गए।

कुल्लू जिले के इन जगहों पर कहर जारी

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कुल्लू जिले के सैंज में जीवा नाला और रेहला बिहाल तथा गड़सा क्षेत्र के शिलागढ़ में बादल फटने की तीन घटनाएं हुईं। अधिकारियों ने बताया कि रेहला बिहाल में अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश कर रहे तीन लोग बाढ़ में बह गए और लापता हैं। कुल्लू के अतिरिक्त जिला आयुक्त (एडीसी) अश्विनी कुमार ने बताया कि जिले के मनाली और बंजार में भी अचानक बाढ़ आ गई। टीम मौके पर मौजूद है और तलाश अभियान जारी है।

कुल्लू और मंडी में बादल फटने से कोहराम

हिमाचल प्रदेश के दो जिलों में बादल फटने से भारी तबाही की खबर है. बादल फटने की घटना कुल्लू और मंडी जिले में हुई है. कुल्लू के रामपुर क्षेत्र के समेज स्थित एक पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट के कई लोग बादल फटने के बाद से लापता हैं. 20 से ज्यादा मकान जमींदोज हो गए हैं और कई गाड़ियां बह गईं हैं, इलाके का स्कूल भी बाढ़ में बह गया. वहीं मंडी जिले में बादल फटने के बाद एक शव बरामद हो चुका है जबकि कई लापता हैं. मंडी जिला प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए एयरफोर्स को अलर्ट किया है. मौके पर मौजूद स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं

बारिश के कारण सैंज, तीर्थन और गड़सा में नुकसान

मणिकरण घाटी में ब्रह्म गंगा नाले में अचानक बाढ़ आने की भी सूचना मिली है। पानी का स्तर कई घरों तक पहुंच गया है और अगर यह जल्दी कम नहीं हुआ तो इससे नुकसान हो सकता है। कुल्लू में कई जगहों पर भारी बाढ़ के कई वीडियो में तबाही के निशान दिखे हैं। एक वीडियो में एक वाहन कीचड़ भरे पानी में बहता हुआ दिखाई दे रहा है।

बंजार के विधायक सुरिंदर शौरी ने कहा, ‘‘सुबह से भारी बारिश हो रही है और मुझे कई कॉल आए हैं कि बारिश के कारण सैंज, तीर्थन और गड़सा में नुकसान हुआ है। मैंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई करने को कहा है क्योंकि लोग परेशान हैं।’’ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसके अलावा, लाहौल और स्पीति पुलिस ने कहा कि काजा से समदोह तक सड़क भूस्खलन, मलबा गिरने और नालों के उफान पर होने के कारण कई स्थानों पर अवरूद्ध हो गई है।

घंसाली में बादल फटने से तबाही

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। टिहरी में पहले भारी बारिश हुई और उसके बाद बादल फट गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। केदारनाथ मार्ग पर भी बादल फटा और नेशनल हाईवे का एक हिस्सा सैलाब की भेंट चढ़ गया. इससे केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को भी भारी नुकसान हुआ है। रामबाड़ा से लिनचोली के बीच जगह जगह पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है. रामबाड़ा में मंदाकिनी नदी पर स्थित दो पुल बह गए. ये पुल पुराने मार्ग पर स्थित थे। इस मार्ग को यात्री और घोड़े संचालक शॉर्टकट रास्ते के रूप में उपयोग करते थे. कल रात की बारिश में मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में ये पुल बह गए. इसके अलावा हरिद्वार, नैनीताल और बागेश्वर से भी जल प्रलय की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

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