Owaisi: चुनाव नतीजों पर ओवैसी का तीखा हमला

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ममता और स्टालिन की हार को SIR से जोड़ा

नई दिल्ली: एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Owaisi) ने पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ओवैसी का दावा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (भवानीपुर सीट) और तमिलनाडु के एमके स्टालिन (कोलाथुर सीट) के निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर (SIR) कराया गया था, जिसके कारण दोनों को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने नागरिकता के नियमों को SIR से जोड़ने पर आपत्ति जताते हुए इसे मतदाताओं को प्रभावित करने की साजिश करार दिया

नागरिकता और गृह मंत्रालय: ओवैसी की चेतावनी

ओवैसी ने गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनआरसी (NRC) और एनपीआर (NPR) के नियमों के बीच नागरिकता को असुरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल वोट डालने का नहीं, बल्कि अपनी नागरिकता को सुरक्षित रखने का गंभीर विषय है। ओवैसी ने तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार से भी अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और राज्य में ऐसे किसी भी कदम पर कड़ी नजर रखें जो नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करता हो।

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नया राजनीतिक नेतृत्व: मुसलमानों से स्वतंत्र होने की अपील

चुनाव नतीजों का विश्लेषण करते हुए ओवैसी ने कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियां भाजपा को रोकने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से आह्वान किया कि वे अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करें। ओवैसी के अनुसार, धर्मनिरपेक्ष दलों को वोट देने से मुसलमानों का वोट व्यर्थ जा रहा है और अब समय आ गया है कि वे किसी और पर भरोसा करने के बजाय अपनी राजनीतिक ताकत खुद विकसित करें ताकि उनकी प्रासंगिकताओं की रक्षा हो सके।

ममता बनर्जी और एमके स्टालिन को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में किन उम्मीदवारों ने हराया?

भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने हराया, जबकि कोलाथुर सीट से एमके स्टालिन को टीवीके (TVK) के उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8,795 मतों के अंतर से शिकस्त दी।

ओवैसी ने मुसलमानों को किस तरह का राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने का सुझाव दिया है?

ओवैसी ने मुसलमानों को तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों पर निर्भरता छोड़ने और अपना स्वयं का स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने का सुझाव दिया है, ताकि उनकी नागरिकता और अधिकार सुरक्षित रह सकें।

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