सड़क हादसे में गई थी जान, गांव में पसरा मातम
फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। एक ही परिवार की पांच महिलाओं की मौत के बाद गांव में एक साथ उनकी अर्थियां उठीं। यह मंजर देखकर हर आंख नम हो गई।
एक ही घर से उठीं पांच अर्थियां
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़-हादसे में जान गंवाने वाली सभी महिलाएं एक ही परिवार से थीं। जब एक साथ पांच अर्थियां घर से निकलीं, तो पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फतेहपुर जिले सीकर में बुधवार (Sikar) को हुए भीषण सड़क हादसे में फतेहपुर (Fatehpur) के एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत हो गई थी। गुरुवार को दो महिलाओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। शुक्रवार को एक साथ 5 अर्थियां उठी, जिनको चिताओं को एक साथ अग्नि दी गई।
अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रही थीं
यह हादसा तब हुआ जब वे एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रही थीं। जानकारी के अनुसार, ललित सैनी की मां मोहिनी देवी की ननद का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार के सदस्य गए थे।
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परिवार की आठ महिलाएं एक ही कार में सवार थीं
वापस लौटते समय परिवार की आठ महिलाएं एक ही अर्टिगा कार में सवार थीं। इनमें मोहिनी देवी (80), उनकी पत्नी तुलसी (45), दो भाभियां चंदा देवी (55) पत्नी सुरेंद्र और बरखा देवी पत्नी ओमप्रकाश, बहन इंद्रा (60), संतोष (45) पत्नी सत्यनारायण माली, चाची आशा (60) पत्नी मुरारी लाल और सुरेंद्र की बेटी सोनू शामिल थीं। पुरुषों का एक अन्य वाहन पीछे चल रहा था।
ट्रक से हुई आमने-सामने टक्कर
हरसावा से करीब एक किलोमीटर पहले, सभी ने एक ढाबे पर चाय पी थी। वहां से निकलने के बाद, महिलाओं से भरी कार एक पिकअप से टकराकर अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी।
पीछे वाली कार में परिवार के पुरुष सवार थे
ललित सैनी ने बताया- जिस कार में महिलाएं सवार थीं, उसके पीछे उनके परिवार की एक और गाड़ी चल रही थी, जिसमें वह खुद मौजूद थे। उनकी गाड़ी और दुर्घटनाग्रस्त कार के बीच लगभग एक किलोमीटर का फासला था। हादसे के लगभग 50 सेकंड बाद ही वे घटनास्थल पर पहुंच गए।
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