Bihar- जमीन विवादों पर लगेगी लगाम, बिहार में 26 जनवरी भूमि मापी महाअभियान शुरू

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बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay kumar Sinha) ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलाया जाएगा। इस महाअभियान के तहत अविवादित भूमि की मापी सात दिनों और विवादित मामलों की मापी 11 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन (Online) होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवादों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।

26 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा भूमि मापी महाअभियान

सिन्हा ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि मापी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है।

‘ईज ऑफ लिविंग’ लक्ष्य को साकार करने की पहल

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025–30) कार्यक्रम के तहत ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Is of Living) के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभाग ने भूमि मापी की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 26 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी और 31 मार्च तक महाअभियान के रूप में चलाई जाएगी।

1885 की काश्तकारी नियमावली के तहत नई व्यवस्था

यह नई व्यवस्था बिहार काश्तकारी नियमावली, 1885 के नियम 23 (2)(आई) के तहत लागू की गई है।

भूमि मापी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अब भूमि मापी के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन लिए जाएंगे। आवेदन के समय आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि भूमि अविवादित है या विवादित।

अविवादित भूमि के लिए निर्धारित शुल्क

नई व्यवस्था के तहत अविवादित मामलों में आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्रों में 1,000 रुपये प्रति खेसरा निर्धारित किया गया है।
तत्काल मापी के मामलों में यह राशि दोगुनी होगी।

विवादित मामलों में समयबद्ध प्रक्रिया

विवादित मामलों में उपलब्ध चौहद्दीदारों को स्वतः नोटिस निर्गत किया जाएगा और सात दिनों के भीतर मापी की प्रक्रिया शुरू होगी। अंचलाधिकारी आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर मापी की तिथि और अमीन का निर्धारण करेंगे।

अधिकतम 11 दिनों में विवादित भूमि की मापी

निर्धारित तिथि सात दिनों के भीतर की होगी तथा सभी चौहद्दीदारों को सिस्टम के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा। विवादित भूमि की मापी अधिकतम 11 दिनों में पूरी की जाएगी।

अमीन की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य

दोनों ही प्रकार के मामलों में मापी के उपरांत अमीन द्वारा प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह प्रतिवेदन आवेदन की तिथि से 14वें दिन तक पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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Anuj Kumar

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