India Diplomacy ईरान ने भारतीय छात्रों के लिए खोला एयरस्पेस
एक बार फिर India Diplomacy भारत की Foreign Policy ने संकट की घड़ी में कमाल दिखाया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच भारत ने ईरान से विशेष अनुरोध किया था कि वहां फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए एयरस्पेस खोला जाए। अब ईरान ने इस मानवीय अपील को स्वीकार करते हुए भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को खोलने की अनुमति दे दी है।
भारत की पहल और राजनयिक बातचीत
- विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय दूतावास ने ईरान सरकार के साथ लगातार उच्चस्तरीय वार्ताएं कीं।
- ईरान ने भारत की “मानवीय दृष्टिकोण” वाली कूटनीति को समझते हुए सीमित समय के लिए एयरस्पेस खोलने का निर्णय लिया।
- यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब ईरानी एयरस्पेस सामान्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बंद था।
भारतीय छात्रों के लिए राहत
- ईरान में खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़ने वाले 400 से ज्यादा भारतीय छात्र फंसे हुए थे।
- अब इन छात्रों को भारत लाने के लिए विशेष उड़ानों की योजना तैयार की जा रही है।
- छात्रों और उनके परिजनों में इस फैसले के बाद बड़ी राहत और संतोष देखने को मिला है।
विदेश नीति में भारत की साख
- यह घटनाक्रम भारत की Global Diplomacy और तटस्थ नीति का बड़ा उदाहरण है।
- भारत ने न तो किसी पक्ष का खुला समर्थन किया और न ही तनाव को बढ़ाने वाला कोई बयान दिया।
- मानवीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए भारत ने दोनों पक्षों से बातचीत कर रास्ता निकाला।
विशेषज्ञों की राय
- विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत की सॉफ्ट पॉवर और भरोसेमंद छवि को और मजबूत करता है।
- “जब अन्य देश युद्ध की रणनीति में उलझे हैं, भारत ने शांति और सुरक्षा पर फोकस कर दुनिया में मिसाल पेश की है।”
India Diplomacy का यह एक और सफल उदाहरण है जिसने यह साबित कर दिया है कि भारत की विदेश नीति अब केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी कार्रवाई के स्तर पर भी कारगर है। ईरान द्वारा भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए एयरस्पेस खोलना न केवल मानवीय दृष्टिकोण की जीत है, बल्कि भारत की कूटनीतिक ताकत और साख का सबूत भी है।